एबीवीपी पर लाठीचार्ज कराने वाले सीओ पर योगी सरकार की सख्ती, पद से हटाए गए, जांच के आदेश

ABVP छात्रों ने सोमवार सुबह विश्वविद्यालय के गेट पर प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें उन्होंने LLB डिग्री की मान्यता रद्द होने का मुद्दा उठाया। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
एबीवीपी पर लाठीचार्ज कराने वाले सीओ पर योगी सरकार की सख्ती, पद से हटाए गए, जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में श्रीराम स्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई की है। सीओ सिटी हर्षित चौहान को उनके पद से हटा दिया गया है, जबकि कोतवाल रामकिशन राणा और चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर किया गया है। मुख्यमंत्री ने लाठीचार्ज की घटना की जांच के लिए आईजी अयोध्या रेंज को निर्देश दिए हैं और विश्वविद्यालय की डिग्री की वैधता की जांच के लिए मंडलायुक्त अयोध्या को शाम तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

ABVP छात्रों ने सोमवार सुबह विश्वविद्यालय के गेट पर प्रदर्शन शुरू किया, जिसमें उन्होंने LLB डिग्री की मान्यता रद्द होने का मुद्दा उठाया। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के लोगों ने छात्रों पर हमला किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। दोपहर में छात्रों ने गेट पर ताला लगा दिया, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं परिसर में फंस गए। इस घटना में कई छात्रों को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अभिभावकों से मारपीट का आरोप

लाठीचार्ज में घायल छात्रों में अभिषेक बाजपेई, अनुराग मिश्रा, अभय शंकर पांडेय, अंकित पांडेय, नवीन, अर्पित शुक्ल, आशुतोष राय, प्रत्यूष पाण्डेय, पुष्पेंद्र बाजपेई, वैष्णवी सिंह, आराध्या सिंह सहित कई अन्य शामिल हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। इस बीच, विश्वविद्यालय के ओएसडी बीएस ओझा ने दावा किया कि LLB की मान्यता बरकरार है, लेकिन रिनीवल में एक साल की देरी हुई है। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर गेट बंद करने और अभिभावकों से मारपीट का आरोप लगाया।

विश्वविद्यालय की डिग्री की वैधता की जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। लाठीचार्ज की घटना की गहन जांच के लिए आईजी अयोध्या रेंज को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, विश्वविद्यालय की डिग्री की वैधता की जांच के लिए मंडलायुक्त को तैनात किया गया है। यह कार्रवाई योगी सरकार की कानून-व्यवस्था और छात्र हितों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।

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