अर्धकुंभ 2027 और महाकुंभ 2028 में बिना पहचान पत्र के साधु संतों को नहीं मिलेगा प्रवेश, अखाड़ा परिषद का बड़ा निर्णय

हरिद्वार के अर्धकुंभ और उज्जैन के महाकुंभ को देखते हुए अखाड़ा परिषद ने किसी भी साधु संत को बिना आधिकारिक पहचान पत्र के प्रवेश ना देने का निर्णय लिया है।
Ardh Kumbh 2027

साल 2027 में हरिद्वार में अर्ध कुंभ और 2028 में उज्जैन में महाकुंभ का आयोजन होने वाला है। यह दोनों ही आयोजन सुव्यवस्थित तथा पारदर्शी तरीके से हो सकें इसके लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से एक बड़ा निर्णय लिया गया है।

दरअसल भारतीय खड़ा परिषद एवं श्रीमनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महेंद्र रवींद्र पुरी नहीं निर्णय लिया है कि हरिद्वार अर्धकुंभ और सिंहस्थ महाकुंभ में किसी भी साधु संत को बिना आधिकारिक पहचान के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सभी को अपना आधार कार्ड अनिवार्य रूप से अपने साथ रखना होगा।

अखाड़ा परिषद का बड़ा निर्णय

श्री महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि यह निर्णय अखाड़ा परिषद की ओर से इसलिए लिया गया है ताकि फर्जी साधुओं पर अंकुश लगाया जा सके। जो भी भगवाधारी बिना पहचान पत्र के मिलेंगे उनकी विशेष जांच की जाएगी और अगर आवश्यकता पड़ी तो उन्हें मेले में प्रवेश से रोका भी जाएगा।

अखाड़ा अध्यक्ष के मुताबिक यह दोनों ही मिले सनातन धर्म की आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। फर्जी साधुओं की मौजूदगी से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो सकती है। उन्होंने सभी अखाड़ों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वह सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में ना आएं।

Diksha Bhanupriy
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