बदरीनाथ धाम चढ़ावा विवाद को लेकर CM धामी ने दिए सख्त निर्देश, जांच समिति का किया गठन, कर्मचारी को किया गया निलंबित

श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावा विवाद को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई गई है।
बदरीनाथ धाम चढ़ावा विवाद को लेकर CM धामी ने दिए सख्त निर्देश, जांच समिति का किया गठन, कर्मचारी को किया गया निलंबित

उत्तराखंड के प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे की गणना से जुड़ा विवाद अब कानूनी मामला बन गया है। दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद सरकार ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है। साथ ही श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने भी अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है।

दरअसल मंदिर समिति के अनुसार यह मामला 2 जुलाई 2026 को दान-चढ़ावे की गणना के दौरान सामने आई अनियमितता से जुड़ा है। प्रारंभिक शिकायत मिलने के बाद पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और फिर आंतरिक जांच कराई गई। जांच के शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

जांच समिति 15 दिन के भीतर सौंपेगी रिपोर्ट

वहीं राज्य सरकार की ओर से गठित तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे। समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है। सरकार ने समिति को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल जांच केवल आरोपों की सच्चाई तक सीमित नहीं रहेगी। समिति को दान-चढ़ावे की पूरी व्यवस्था की समीक्षा भी करनी होगी। इसमें दान प्राप्त करने, गणना, रिकॉर्ड तैयार करने, सुरक्षा व्यवस्था और लेखा-जोखा रखने की मौजूदा प्रक्रिया का परीक्षण शामिल रहेगा। यदि जांच के दौरान किसी तकनीकी विशेषज्ञ या अन्य अधिकारी की जरूरत होगी तो समिति उनका सहयोग भी ले सकेगी।

एफआईआर के बाद पुलिस जांच भी शुरू हुई

वहीं सरकारी जांच के साथ-साथ श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने भी स्वतंत्र कार्रवाई की है। समिति ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पहले विभागीय जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। दरअसल इसके बाद समिति की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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