कोटद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में दो दिवसीय बर्ड वाचिंग फेस्टिवल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्र को 326 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात दी। अपने दौरे की शुरुआत में सीएम धामी ने दिव्यांग बच्चों से मुलाकात कर उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली और सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
₹326 करोड़ की 61 योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान कुल 61 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 326.12 करोड़ रुपये है। इनमें 81.72 करोड़ रुपये की लागत वाली 21 योजनाओं का शिलान्यास और 244.39 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकीं 40 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। सीएम ने कहा कि ये योजनाएं क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी।
महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों पर जोर
फेस्टिवल परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए स्थानीय उत्पादों की जमकर तारीफ की। उन्होंने पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी को विशेष आकर्षण का केंद्र बताया।
“यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इसमें महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहेगा। हमारे स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों से भी बेहतर हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
सीएम ने कहा कि सरकार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है।
कोटद्वार क्षेत्र के लिए नई घोषणाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच से कोटद्वार क्षेत्र के विकास के लिए कई नई घोषणाएं भी कीं। इनमें प्रमुख घोषणाएं शामिल हैं:
• हल्दूखाता में पेयजल पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण।
• राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में नए कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय और विज्ञान कक्ष का निर्माण।
• जीतपुर गांव में खोह नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य।
• झंडीचौड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 108 एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत।
• राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी का निर्माण।
उन्होंने कहा कि कोटद्वार में बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी पर STP और मालन नदी पर पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
पक्षी संरक्षण और जैव विविधता का महत्व
मुख्यमंत्री ने बर्ड फेस्टिवल को पक्षियों की पहचान और संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता की दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है, जिसका लगभग 71 प्रतिशत हिस्सा वनों से घिरा है। उन्होंने कहा, “देश में पाई जाने वाली 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ प्रजातियां उत्तराखंड में हैं। यह फेस्टिवल कोटद्वार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने विलुप्त हो रही पक्षी प्रजातियों के संरक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया।





