भुवनेश्वर: ओडिशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की सरकार ने औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं। शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में 10 विभागों से जुड़े कुल 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य को उन्नत विनिर्माण का केंद्र बनाना और ओड़िया भाषा-संस्कृति को मजबूती देना है।
ओडिशा बनेगा डिफेंस-एयरोस्पेस हब
राज्य सरकार ने ओडिशा को उन्नत विनिर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कैबिनेट ने प्रदेश में रक्षा और एयरोस्पेस उपकरणों के निर्माण के लिए एक हब स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्य सचिव अनु गर्ग के अनुसार, इस पहल से करीब 17,250 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की संभावना है, जिससे लगभग 20 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
ढेंकानाल में कल्याणी समूह का बड़ा निवेश
उद्योग विभाग के एक अन्य प्रस्ताव के तहत, ढेंकानाल जिले के गजामरा में कल्याणी समूह एक एकीकृत विनिर्माण इकाई स्थापित करेगा। यह परियोजना एक विशेष इस्पात संयंत्र से शुरू होगी और बाद में इसे सुपर एलॉय इकाई तक बढ़ाया जाएगा। इस प्लांट में ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस और रक्षा से जुड़े उपकरणों का निर्माण होगा। इस प्रोजेक्ट से अकेले ही 12 हजार से ज्यादा उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
भाषा और संस्कृति के संरक्षण पर जोर
औद्योगिक विकास के साथ-साथ सरकार ने ओड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण पर भी ध्यान केंद्रित किया है। कैबिनेट ने ‘ओडिशा सांस्कृतिक विकास सेवा’ के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है। इस सेवा के तहत 66 पदों में से 33 पर नियुक्ति हो चुकी है और अब पदोन्नति की व्यवस्था के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
कैबिनेट के अन्य अहम निर्णय
बैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। राज्य में सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए ‘ओडिशा राज्य सहकारी नीति–2026’ को स्वीकृति दी गई। जल संसाधन विभाग के लिए 362 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई, जिससे सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक डायवर्जन प्रणाली विकसित होगी। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए संयुक्त तकनीकी सेवा भर्ती परीक्षा नियम, 2022 में संशोधन को भी हरी झंडी दी गई।
कैबिनेट ने यह भी फैसला किया कि सिंगापुर और दुबई के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिलहाल मार्च तक जारी रहेंगी। इन सेवाओं को आगे जारी रखने पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी लेंगे।





