चमोली THDC टनल हादसे का रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा, 117 घंटे बाद सभी श्रमिकों को निकाला, 12 की बची जान, 10 की मौत

पहले दिन 12 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया था, तीन लापता श्रमिकों की तलाश के बाद 18 अगस्त को पूरा हुआ सर्च ऑपरेशन
Uttarakhand News

चमोली: उत्तराखंड के चमोली में पीपलकोटी के पास THDC की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन मंगलवार को पूरा हो गया। करीब 117 घंटे चले ऑपरेशन में टनल में फंसे और लापता सभी 22 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया। इनमें 12 श्रमिकों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि 10 श्रमिकों की मौत हुई है।

हादसा 13 अगस्त की शाम हाट-सियासैंण, मायापुर (पीपलकोटी) में हुआ था। टनल के अंदर HCC कंपनी का काम चल रहा था, तभी पानी के रिसाव और भूस्खलन के बाद श्रमिक अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही प्रशासन के साथ पुलिस, SDRF, NDRF, ITBP, सेना, DDRF, CISF और THDC की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू शुरू किया।

पहले दिन निकाले गए थे 19 श्रमिक

रेस्क्यू ऑपरेशन के पहले दिन टनल से 19 श्रमिकों को बाहर निकाला गया था। इनमें 12 श्रमिक घायल अवस्था में सुरक्षित मिले, जबकि सात की मौत हो चुकी थी। इसके बाद तीन श्रमिक लापता थे और उनकी तलाश लगातार जारी रही।

17 अगस्त को एक और श्रमिक का शव मिला। इसके बाद दो श्रमिकों की तलाश बची थी। मंगलवार 18 अगस्त को लुकास टोपनो और चेतन पोयाम के शव मिलने के साथ ही रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया गया। इस तरह हादसे में मृतकों की कुल संख्या 10 हो गई।

पानी और मलबे ने मुश्किल बनाया रेस्क्यू

टनल के अंदर बड़ी मात्रा में पानी और मलबा जमा होने के कारण बचाव अभियान काफी मुश्किल रहा। रेस्क्यू टीमों को पहले पानी निकालना पड़ा और फिर मलबे तथा फंसी मशीनरी को हटाते हुए अंदर तक पहुंचने की कोशिश की गई। पानी निकालने के लिए सक्शन पंप सहित दूसरे उपकरणों की मदद ली गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। अलग-अलग एजेंसियों की टीमों ने दिन-रात काम करते हुए टनल के संभावित हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

हादसे में इन 10 श्रमिकों की मौत

हादसे में टिहरी गढ़वाल के प्रदीप पंवार, उत्तर प्रदेश के जितेंद्र कुमार, चमोली के मुकेश सिंह, उत्तर प्रदेश के दुर्लभ शर्मा और विजय हंसदा, छत्तीसगढ़ के लोकेश्वर, भुनेश्वर, देवनाथ और चेतन पोयाम तथा झारखंड के लुकास टोपनो की मौत हुई है।

वहीं सुरक्षित निकाले गए 12 श्रमिक छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। घायल श्रमिकों को रेस्क्यू के बाद इलाज और जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। करीब पांच दिन तक चले इस अभियान में ITBP जोशीमठ और गौचर, सेना, NDRF, SDRF, DDRF, CISF, पुलिस, जिला प्रशासन और THDC की टीमें शामिल रहीं।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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