“चारधाम यात्रा पिकनिक नहीं..” रील बनाने वालों पर भड़के महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरि, बोले- यात्रा की गरिमा समझें श्रद्धालु

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरि ने चारधाम यात्रा को पिकनिक बनाने पर जताई गहरी नाराजगी, कहा- सनातन आस्था का प्रतीक है यह यात्रा, अनुशासन का पालन अनिवार्य.
Swami Arun Giri

उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा इन दिनों कई कारणों से सुर्खियों में बनी हुई है और इसी बीच आवाहन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरि ने यात्रा से लौटकर श्रद्धालुओं के व्यवहार और व्यवस्थाओं पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है साथ ही उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं जिनका पालन करना सभी के लिए जरूरी है. स्वामी जी ने बताया कि प्रधानमंत्री के आह्वान को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी पूरी यात्रा के दौरान वाहनों का न्यूनतम उपयोग किया था ताकि जहां एक ओर ईंधन की बचत हो सके वहीं दूसरी ओर पर्यावरण पर भी किसी तरह का अनावश्यक दबाव न पड़े, यह उनका व्यक्तिगत प्रयास था जो उन्होंने दूसरों को प्रेरित करने के लिए किया और सभी को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरि ने साफ शब्दों में कहा कि चारधाम यात्रा को केवल एक सामान्य धार्मिक यात्रा मान लेना उचित नहीं है बल्कि यह तो सनातन आस्था, परंपरा और गहन अनुशासन का प्रतीक है और इसी वजह से इसमें शामिल होने वाले हर एक श्रद्धालु का यह परम कर्तव्य बन जाता है कि वह यहां के नियमों का पूरी निष्ठा और गंभीरता से पालन करे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रा में जो कई तरह की अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं उनके लिए केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि कुछ हद तक श्रद्धालु स्वयं भी जिम्मेदार हैं क्योंकि कई बार लोग प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों को अनदेखा कर देते हैं और पुलिसकर्मियों पर बेवजह दबाव बनाने की कोशिश करते हुए नियमों को ताक पर रख देते हैं जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है और अन्य यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है.

चारधाम यात्रा को पिकनिक स्पॉट समझ रहे श्रद्धालु: स्वामी अरुण गिरि

आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरुण गिरि ने बड़े दुख के साथ यह भी बताया कि आजकल बड़ी संख्या में ऐसे लोग आ रहे हैं जो चारधाम यात्रा को एक सामान्य पिकनिक स्पॉट या फिर सोशल मीडिया पर रील बनाने का मात्र एक माध्यम समझ रहे हैं जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारी सनातन परंपराओं के विपरीत है. उन्होंने आगे कहा कि ऐसे श्रद्धालु यात्रा मार्गों पर अपने वाहन रोककर बेधड़क वीडियो और रील बनाने लगते हैं जिसके कारण पीछे आने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होती है, इस अव्यवस्था से घंटों तक जाम लगा रहता है जिससे अन्य यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और समय की बर्बादी भी होती है. वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन के जो कर्मचारी दिन-रात घंटों तक सड़क पर खड़े रहकर अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाते हैं उनका सहयोग करने के बजाय कई लोग उनसे बेवजह बहस करने लगते हैं और उनकी बातों को अनसुना कर देते हैं, यह स्थिति बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है क्योंकि इससे व्यवस्था बनाए रखने में बहुत दिक्कतें आती हैं.

स्वामी अरुण गिरि की श्रद्धालुओं से अपील

स्वामी अरुण गिरि ने सभी श्रद्धालुओं से हृदय से अपील करते हुए कहा है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी भक्तगण धैर्य और अनुशासन का परिचय दें, प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करें और इस पवित्र यात्रा की गरिमा और उसके मूल उद्देश्य को गहराई से समझें. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी श्रद्धालु अपनी जिम्मेदारी को समझेंगे और उसका ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो यात्रा की व्यवस्थाएं और अधिक सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकेंगी जिससे सभी को एक सुखद और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा और यात्रा का वास्तविक महत्व भी बना रहेगा.

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
Banshika Sharma

कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
Follow Us :GoogleNews