मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला, अब 20 फरवरी 2026 तक चलेगा ‘जन-जन के द्वार’ अभियान

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान की अवधि बढ़ा दी है। जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए यह अभियान अब 31 जनवरी की जगह 20 फरवरी 2026 तक जारी रहेगा।
Pushkar Singh Dhami

देहरादून: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी अभियान “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश में मिल रही शानदार प्रतिक्रिया और लोगों की भागीदारी को देखते हुए इस अभियान की अवधि को 20 फरवरी 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

पहले यह अभियान 31 जनवरी 2026 को समाप्त होना था, लेकिन अब इसे 20 दिनों का विस्तार दिया गया है। सरकार के अनुसार, प्रदेश भर में आयोजित हो रहे कैंपों में बड़ी संख्या में शिकायतें और सुझाव मिल रहे हैं, जिनके प्रभावी समाधान के लिए यह फैसला लिया गया है।

CM धामी बोले- हर नागरिक तक पहुंचना लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विस्तार पर कहा कि यह अभियान जनसेवा के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शासन को जनता के दरवाजे तक पहुंचाना और हर नागरिक की समस्या का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान हमारी सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश का कोई भी क्षेत्र और कोई भी नागरिक इस अभियान से वंचित न रहे।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि विस्तारित अवधि में उन सभी क्षेत्रों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, जहां अभी तक कैंप नहीं लग पाए हैं।

मौके पर हो रहा समस्याओं का समाधान

यह अभियान 17 दिसंबर 2025 से पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। इन कैंपों के माध्यम से राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और नगर निकाय जैसे विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल रही है।

जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने अभियान की अवधि बढ़ाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में अभियान की नई कार्यक्रम-रूपरेखा जल्द से जल्द विभाग को सौंपें। साथ ही, कैंपों का आयोजन सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

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