उत्तरकाशी में राहत अभियान में CM धामी का व्यक्तिगत योगदान, ‘एक माह का वेतन आपदा राहत में देंगे’

सीएम धामी ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता से भी सक्षम होने पर राहत कार्यों में योगदान देने का आग्रह किया।
सीएम धामी

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उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में धराली और हर्षिल में आई विनाशकारी आपदा के मद्देनजर अपना एक माह का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की है । उन्होंने यह कदम संवेदना और सहयोग की भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के साथ हर मोर्चे पर खड़ी है और इस मुश्किल वक्त में सभी को मिलकर मदद करनी चाहिए। साथ ही, CM धामी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता से भी सक्षम होने पर राहत कार्यों में योगदान देने का आग्रह किया। आपको बताते चलें कि 4 अगस्त को अचानक से बादल फटने से उत्तरकाशी के धराली में तबाही आ गई, जिसमें कई लोग बह गए। बाजार और घरें तबाह हो गई। लोगों ने पहाड़ी पर भाग कर अपनी जान बचाई।

युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान

धराली और हर्षिल में आपदा आने के बाद से ही राहत और बचाव के कार्य जारी है। आसपास के क्षेत्रों में तुरंत ही NDRF, SDRF, ITBP, भारतीय सेना और अन्य बचाव एजेंसियों ने राहत और बचाव कार्य तेज़ी से शुरू किए। अब तक 274 लोगों का सुरक्षित बचाव किया जा चुका है, और कार्य अभी पूरी गति से जारी है। बारिश होने के कारण इलाक़ा बेहद कठिन और जोखिम भरा है, कई लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।

पीएम मोदी ने भी भेजा संदेश

हादसे के बाद सीएम धामी ने घटनास्थल पहुंच कर जायजा लिया। हेलिकॉप्टर के माध्यम से भी इलाके का मुआयना किया। हादसे के अगले ही दिन खुद धराली पहुंचकर बचाव और राहत कार्यों की निरंतर निगरानी की। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की, सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए और राहत सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम धामी से फोन पर बात कर राहत कार्यों की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

संरचना नष्ट, सड़कों पर काम जारी

एक रिपोर्ट्स के अनुसार, भारी बारिश और बादल फटने से इलाके में पुरानी सड़कें, पुल, और कई इमारतें तबाह हो गयीं, कोई गली-नाली सड़कों पर काम तेज है। 359 मार्गों में से 243 सड़कें बहाल हो चुकी हैं, और 274 लोगों का सफलतापूर्वक हर्षिल से निकाला जा चुका है।
इस बीच, एनडीआरएफ की 18 टीमें पूरे राज्य में तैनात हैं, जिनमें से चार धराली में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं और कुछ टीमें हर्षिल में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

पहाड़ों पर दिख रहा रौद्र रूप

इन दिनों कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यो में तो भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड और बादल फटने की घटना सामने आ रही है, तो मैदानी इलाके में नदीयां उफान पर हैं। उत्तराखंड के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है।

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