उत्तराखंड के पारंपरिक गहनों को मिलेगी ‘लोकल टू ग्लोबल’ पहचान, CM धामी बोले- स्वर्णकारों के लिए तैयार होगी योजना

देहरादून में सर्राफ मंडल की एग्जीबिशन पहुंचे CM पुष्कर सिंह धामी, गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपकली हार और कुमाऊंनी गुलोबंद जैसे पारंपरिक आभूषणों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर; स्वर्णकारों के कौशल विकास के लिए योजना तैयार करने की बात
Pushkar Singh Dhami

देहरादून: उत्तराखंड की गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपकली हार और कुमाऊंनी गुलोबंद जैसे पारंपरिक आभूषणों को अब देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण के साथ स्वर्णकारों और कारीगरों के कौशल विकास के लिए राज्य सरकार आवश्यक योजना तैयार कर प्रभावी कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री धामी रविवार को देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में सर्राफ मंडल देहरादून की ओर से आयोजित एग्जीबिशन में पहुंचे थे। उन्होंने यहां अलग-अलग तरह के आभूषणों और पारंपरिक डिजाइनों को देखा तथा स्वर्णकारों की कला और कारीगरी की सराहना की।

गढ़वाली नथ से कुमाऊंनी गुलोबंद तक, दुनिया तक पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक आभूषणों में गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपकली हार, कुमाऊंनी गुलोबंद, पिचौरा हार और झूमका जैसी अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली विरासत शामिल है। इन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी पहचान दिलाने की जरूरत है।

उनका कहना है कि पारंपरिक डिजाइन की मूल पहचान को बरकरार रखते हुए उन्हें बदलते समय और आधुनिक जरूरतों से जोड़ा जाए तो ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। इससे स्थानीय कारीगरों और स्वर्णकारों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

स्वर्णकारों के लिए योजना तैयार करेगी सरकार

CM धामी ने कहा कि सरकार पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण के साथ स्वर्णकार समाज के कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए आवश्यक योजना तैयार कर कारीगरों और स्वर्णकारों को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार केवल आभूषण तैयार नहीं करते, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विवाह, त्योहार और धार्मिक आयोजनों में पारंपरिक आभूषण सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रहे हैं।

‘वोकल फॉर लोकल’ से जोड़कर बढ़ेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों के लिए नए अवसर बने हैं। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के साथ भारत को ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग के बड़े वैश्विक केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्वर्णकार समाज से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के सरकार के संकल्प में भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में सर्राफ मंडल देहरादून के पदाधिकारी, आभूषण कारोबारी, कारीगर और स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Shyam Dwivedi
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