उत्तराखंड में हाल ही में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के नतीजों ने जहां भाजपा को बड़ी सफलता दिलाई है, वहीं कांग्रेस ने इन चुनावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के दौरान कथित “गुंडागर्दी” को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है, जबकि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा भी दे दिया है।
नैनीताल में चुनाव पर बवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा पर सीधे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने गुंडागर्दी के बल पर चुनाव को प्रभावित किया। “जो सदस्य कांग्रेस के समर्थन में वोट डालने जा रहे थे, उन्हें जबरन उठा लिया गया,” रावत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव के दौरान पूर्व विधायक संजीव आर्य के साथ मारपीट की गई और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य को धक्का दिया गया। हरीश रावत ने कहा कि नैनीताल की जिला पंचायत का सम्मानजनक इतिहास रहा है, लेकिन भाजपा ने लोकतंत्र को कलंकित कर दिया। रावत ने राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की है कि वोट डालने से वंचित सदस्यों को दोबारा मतदान का अवसर दिया जाए। इसी बीच नैनीताल की डीएम वंदना सिंह ने हाईकोर्ट में बताया कि वे चुनाव आयोग को दोबारा चुनाव कराने का प्रस्ताव भेजेंगी।
BJP की बड़ी जीत, सीएम धामी ने दी बधाई
इन सबके बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में भाजपा की शानदार सफलता पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। भाजपा ने 11 में से 10 जिला पंचायत अध्यक्ष सीटों पर कब्जा जमाया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चमोली से दौलत सिंह बिष्ट, पौड़ी से रचना बुटोला, अल्मोड़ा से हेमा गैड़ा, रुद्रप्रयाग से पूनम कटैत और बागेश्वर से शोभा आर्य की जीत को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने इसे जनता के विश्वास और पार्टी संगठन की मेहनत का परिणाम करार दिया। टिहरी में हालांकि भाजपा की इशिता सजवाण जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध बनीं, लेकिन उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के मान सिंह रौतेला ने जीत दर्ज कर भाजपा को झटका दे दिया।
चमोली में कांग्रेस जिलाध्यक्ष का इस्तीफा
चमोली में कांग्रेस को जिला पंचायत अध्यक्ष और कई ब्लॉक प्रमुख पदों पर हार का सामना करना पड़ा। इसे लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को पत्र भेजकर लिखा कि पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद पार्टी सफलता हासिल नहीं कर पाई। नेगी ने अपने पत्र में लिखा कि “मैं किसी भी पदाधिकारी या निर्वाचित सदस्य को दोष नहीं देता, हार की जिम्मेदारी मैं स्वयं लेता हूं”
भाजपा-कांग्रेस का मिला-जुला प्रदर्शन
जहां भाजपा ने अधिकतर जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की, वहीं कुछ स्थानों पर कांग्रेस ने भी शानदार प्रदर्शन किया। देहरादून जिला पंचायत में कांग्रेस की सुखविंदर कौर अध्यक्ष और अभिषेक सिंह उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। सुखविंदर को 17 और अभिषेक को 18 वोट मिले। टिहरी में उपाध्यक्ष पद पर मान सिंह रौतेला (कांग्रेस) ने जीत दर्ज की। पौड़ी के ब्लॉक द्वारीखाल में बीना राणा, जहरीखाल में रणवीर सजवाण, दुगड्डा में सूरज सिंह, नैनीडांडा में प्रकीण नेगी ब्लॉक प्रमुख बने। रुद्रप्रयाग के उखीमठ में पंकज शुक्ला और विनीता चमोली (कांग्रेस) ब्लॉक प्रमुख बने। चमोली में दशौली से विनीता देवी (भाजपा), नंदानगर से हेमा देवी (भाजपा), पोखरी से राजी देवी (कांग्रेस) और ज्योतिर्मठ से अनूप नेगी (कांग्रेस) ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए। टिहरी के भिलंगना ब्लॉक में भाजपा के राजीव कंडारी ने 28 मतों से जीत दर्ज की। वहीं ज्येष्ठ प्रमुख पर प्यार सिंह बिष्ट और कनिष्ठ प्रमुख पर कृष्णा देवी ने सफलता पाई।





