उत्तराखंड की राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है — रिटायर हो चुके अग्निवीरों को Group C के यूनिफॉर्मेड पदों में 10% क्षैतिज आरक्षण देने की मंज़ूरी मिली है। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट में की गई है। यह आरक्षण खास तौर पर उन नौकरियों के लिए है जिनमें अग्निवीर सीधे भर्ती (डायरेक्ट रिक्तमेंट) प्रक्रिया से गुजरेंगे, जिनमें पुलिस कांस्टेबल (सिविल/ PAC), सब इंस्पेक्टर, फायरमैन और अन्य यूनिफॉर्मेड पद शामिल हैं।

ये समान्य आरक्षण नहीं है, बल्कि Horizontal Reservation है—मतलब यह सभी वर्गों (जनरल, SC, ST, OBC) में लागू होगा। इन रिटायर अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से पूरी तरह छूट मिलेगी। उम्र सीमा में छूट भी दी जाएगी जिससे उनकी नियुक्ति सरल हो सके। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अग्निवीर हमारे राज्य की शान हैं और उनके योगदान को सम्मान देना हमारा फर्ज है। कहा गया कि यह कदम उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ठोस कार्रवाई है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता

धामी ने यह भी बताया कि वर्तमान में 24,000 से अधिक युवा सरकारी नौकरियों से जुड़ चुके हैं। सख्त नकल रोधी कानूनों के कारण भर्ती प्रक्रिया अब और पारदर्शी बनी है, जिससे मेहनती और योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिल रही है। आमतौर पर जो आरक्षण होता है, वह वर्ग आधारित (vertical) होता है। लेकिन यह निर्णय इस दृष्टिकोण से खास है क्योंकि यह समाज के सभी वर्गों में राष्ट्रीय सेवा का सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करता है — यानी यह सबको बराबरी से लाभ देने वाला है।

क्या है अग्निवीर?

अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा के बाद लौटने वाले युवा अग्निवीर कहलाते हैं। ये अनुशासित, योग्य और सेवाभावी होते हैं, जिनके लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना उनकी सेवा के सम्मान के अनुरूप है। त्तराखंड सरकार पूर्व सैनिकों का सम्मान करते हुए उन्हें बेहतर अवसर देने में प्रतिबद्ध है। अब यह देखना रोचक होगा कि इस नीति का लाभ कितने अग्निवीरों तक पहुंचता है और इससे उनके जीवन में कितना वास्तविक बदलाव आता है।