देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य स्तरीय दिशा समिति की पहली बैठक में योजनाओं की समीक्षा का दौर चला। हर विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञ जुटे, ताकि राज्य के किसानों, गरीबों, युवाओं और महिलाओं तक योजनाओं का सही लाभ पहुंच सके। बैठक में चर्चा, निर्देश और रणनीतियों का ऐसा मिश्रण रहा कि हर कोई सक्रिय रूप से योगदान देता दिखा।


देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय दिशा समिति की पहली बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अध्यक्षता की। बैठक में कृषि, ग्रामीण और शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और खेल से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाई जाए और अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचे। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और विभागों के बीच तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया।

 कृषि और ऊर्जा योजनाओं पर जोर


बैठक में कृषि और ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित पंपों की स्थापना की गति तेज करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे किसानों को सिंचाई के बेहतर साधन उपलब्ध होंगे और ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों को कहा गया कि योजना के लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे और तकनीकी निगरानी से किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने पाए।

 सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा

सीएम ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष गांवों तक शीघ्र सड़क सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विकास की आधारशिला है। स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास व स्वरोजगार कार्यक्रम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।

 समन्वय और आधुनिक तकनीक का महत्व

बैठक में सीएम ने विभागों के बीच समन्वय और डिजिटल तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सूचना त्वरित उपलब्ध कराने और योजना क्रियान्वयन की निगरानी से कार्यों में तेजी आएगी। इससे योजनाओं का असर सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगा और राज्य के हर नागरिक के जीवन स्तर में सुधार होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी योजनाओं का संचालन प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी तरीके से किया जाए।