उत्तराखंड में बादल फटने से लड़की की दर्दनाक मौत, CM धामी ने राहत‑बचाव कार्यों की निगरानी की

उत्तराखंड में बादल फटने से लड़की की दर्दनाक मौत, CM धामी ने राहत‑बचाव कार्यों की निगरानी की

CM Dhami expressed grief Tharali Cloudburst

उत्तराखंड के चमोली ज़िले में थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात अचानक बादल फटने से भारी तबाही मची। पानी और मलबे की चपेट में आने से एक 20 वर्षीय युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बुजुर्ग अभी भी लापता है। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, जिसमें SDRF, NDRF, पुलिस और प्रशासन सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संकट की घड़ी में व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा की और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

बादल फटने से मलबा, घर और वाहन झुक गए

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, थराली तहसील में टूनरी गदेरे के पास शुक्रवार देर रात अचानक हुई बादल फटने की घटना ने आसपास के बाजार, जन सेवाओं के कार्यालय, दुकानों और एसडीएम आवास को भारी मलबे की चपेट में ले लिया। कई वाहन भी मलबे में दब गए। प्रशासन ने बताया कि कुछ लोगों के ऐसे स्थानों पर फंसे होने की आशंका है, जहां से निकलना मुश्किल हो रहा है।

राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी

घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुँचीं — एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस एवं अन्य एजेंसियाँ मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने में जुटी रही। कर्णप्रयाग–ग्वालदम सड़क जैसे मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए, जिन्हें प्राथमिकता से सुचारू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं जनप्रतिनिधियों और राहत एजेंसियों से टेलीफोन पर वार्ता कर स्थिति का जायज़ा लिया और बचाव कार्यों को और तेज़ करने के निर्देश दिए।

सीएम धामी का मजबूत संदेश: “चुनौतियों से डरना नहीं”

मुख्यमंत्री धामी ने इस दुखद घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा, “चुनौतियों से लड़ना मेरी आदत है, मैं किसी असुरी शक्ति से डरने वाली नहीं।” उन्होंने जनप्रतिनिधियों को राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए और खुद इस स्थिति की गहन निगरानी जारी रखी।

राहत अभियान से प्रभावितों को उम्मीद का संदेश

इस आपदा से प्रभावित थराली क्षेत्र की जनता ने जताई कि राहत दलों की सक्रियता से उन्हें आशा मिली। प्रशासन की तत्परता ने एक बार फिर दिखाया कि विपरीत परिस्थितियों में भी सरकार और प्रशासन समर्पण भाव से काम करने को तैयार हैं। बचाव कार्यों के साथ ही प्रभावितों को रहने, खाने और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम भी तेज़ी से चल रहा है।

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