
टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) स्वाला के पास 29 अगस्त को भूस्खलन के कारण बंद हो गया था। सात दिन बीतने के बावजूद सड़क अब तक नहीं खुल सकी है। हाईवे बंद होने से न सिर्फ स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है, बल्कि सीमांत इलाकों से संपर्क भी टूट गया है। बारिश थमने के बावजूद अब तक रास्ता नहीं खुलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राहत का इंतजार जारी है और स्वाला उम्मीदों की रोशनी खोज रहा है।
बुधवार देर रात जिलाधिकारी मनीष कुमार खुद मौके पर पहुंचे। अंधेरे में हाथ में टॉर्च लेकर उन्होंने बहाली कार्य में जुटी टीम का उत्साह बढ़ाया। डीएम मशीन ऑपरेटरों को टॉर्च की रोशनी से मार्ग दिखाते रहे और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में एनएच को जल्द से जल्द खोलने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यातायात वैकल्पिक मार्गों से नहीं, बल्कि इसी राजमार्ग से बहाल होगा। इस दौरान एडीएम जयवर्धन शर्मा, एनएच खंड के ईई दीपक जोशी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
अन्य मार्ग भी अवरुद्ध
चंपावत जिले में सिर्फ टनकपुर-घाट एनएच ही नहीं, बल्कि गल्लागांव-देवली माफी, टनकपुर-जौलजीबी और रीठा-अमोड़ी सड़कें भी भूस्खलन के कारण बंद हैं। लगातार भूस्खलन से ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं। प्रशासन लगातार मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती कर रहा है, लेकिन चट्टान और मलबा हटाने का काम कठिन साबित हो रहा है। लोगों को जरूरी सामान की आपूर्ति और आवाजाही के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम साफ, स्कूलों में अवकाश बढ़ा
जिले में पिछले दो दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। धूप निकलने से तापमान बढ़कर गुरुवार को 24.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री रहा। हालांकि मौसम सुधरने के बावजूद स्कूलों में अवकाश जारी है। 31 अगस्त से स्कूल बंद हैं और एक व दो सितंबर को भारी वर्षा की चेतावनी के चलते आंगनबाड़ी केंद्र और कक्षा 12 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई थी। बुधवार रात प्रशासन ने गुरुवार का अवकाश भी घोषित कर दिया। देर रात अभिभावकों को संदेश पहुंचने से कई निजी स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल गड़बड़ा गया है।
