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इस दिन खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज

Written by:Bhawna Choubey
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बसंत के साथ ही चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज, बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित होते ही देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह, बुकिंग शुरू, प्रशासन अलर्ट, और हिमालय की गोद में फिर गूंजेगी हर-हर महादेव की ध्वनि।
इस दिन खुलेंगे बाबा केदारनाथ के कपाट, चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज

पहाड़ों में बर्फ पिघलने लगी है, ठंडी हवाओं के बीच अब बसंत की हल्की गर्माहट महसूस होने लगी है। इसी के साथ देशभर के शिवभक्तों के दिलों में भी भक्ति की लहर तेज हो गई है। महीनों से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए आखिरकार वह खबर आ गई, जिसका सबको इंतजार था बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित हो चुकी है।

जैसे ही कपाट खुलने की तारीख सामने आई, देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। होटल बुकिंग से लेकर यात्रा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी लाखों भक्त हिमालय की कठिन यात्रा कर भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचेंगे।

केदारनाथ मंदिर के कपाट कब खुलेंगे?

मंदिर समिति की ओर से आधिकारिक घोषणा की गई है कि इस वर्ष 22 अप्रैल की सुबह शुभ मुहूर्त में बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। सुबह 8 बजे वृष लग्न में कपाट खुलते ही छह महीने तक चलने वाली केदारनाथ यात्रा शुरू हो जाएगी। कपाट खुलने के दिन मंदिर परिसर में विशेष पूजा, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इस मौके पर हजारों श्रद्धालु मौजूद रहते हैं और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बन जाता है।

कपाट खुलने की घोषणा के साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। ट्रैवल एजेंसियों और होटल मालिकों का कहना है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है।

ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में हुई आधिकारिक घोषणा

शीतकाल के दौरान जब केदारनाथ धाम बर्फ से ढक जाता है, तब भगवान केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में की जाती है। यही स्थान बाबा केदारनाथ का शीतकालीन गद्दीस्थल माना जाता है।

यहीं विधि-विधान और धार्मिक परंपरा के अनुसार कपाट खुलने की तिथि तय की गई। मंदिर में विशेष पूजा के बाद पुजारियों और समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं को शुभ समाचार सुनाया।

तिथि घोषित होते ही मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों ने हर-हर महादेव के जयघोष लगाए और प्रसाद वितरण भी किया गया। सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से फैल गई।

इस वर्ष पूजा की जिम्मेदारी कौन संभालेगा?

परंपरा के अनुसार केदारनाथ धाम में मुख्य पूजा दक्षिण भारत से आने वाले रावल पुजारी करते हैं। इस वर्ष भी पूजा की जिम्मेदारी मुख्य पुजारी टी. गंगाधर लिंग को सौंपी गई है।

कपाट खुलने से पहले मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट और पूजा की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। मंदिर समिति के अनुसार इस बार भी पूरी व्यवस्था पारंपरिक नियमों के अनुसार की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए यह जानकारी भी महत्वपूर्ण है कि दर्शन के लिए पहले से पंजीकरण कराना आवश्यक होगा ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।

बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट भी खुलेंगे

केदारनाथ यात्रा के साथ ही अन्य चारधामों की यात्रा भी शुरू होती है। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्ममुहूर्त में सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट अक्षय तृतीया के अवसर पर 19 अप्रैल को खोले जाएंगे। इन चारों धामों के कपाट खुलते ही लाखों श्रद्धालु आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़ते हैं। कई लोग एक साथ चारों धामों की यात्रा भी करते हैं।

चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारियां तेज

राज्य प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहाड़ी मार्गों की मरम्मत, सुरक्षा इंतजाम, मेडिकल सुविधाएं और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है।

पंजीकरण व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर हेल्प सेंटर और मेडिकल कैंप भी लगाए जाएंगे। होटल और धर्मशालाओं में बुकिंग शुरू हो चुकी है। यात्रा के पीक सीजन में जगह मिलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए श्रद्धालु पहले से तैयारी कर रहे हैं।

 

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