मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र राम गुलाम आज दोपहर करीब 2 बजे देहरादून एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। वह उत्तराखंड की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं। इस दौरान वह राज्य के कई हिस्सों का भ्रमण करेंगे और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर चुके हैं। उन्होंने भारत और मॉरीशस को सिर्फ साझेदार नहीं बल्कि परिवार बताया और दोनों देशों के साझा भविष्य की दिशा में काम करने का संकल्प दोहराया।
भारत–मॉरीशस के रिश्तों को नई ऊंचाई
वाराणसी में हुई द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मॉरीशस के सपने एक हैं। उन्होंने बताया कि मॉरीशस में यूपीआई और रूपे कार्ड की शुरुआत पिछले साल हुई थी। अब दोनों देश स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। साथ ही भारत ने 680 मिलियन डॉलर (करीब 6000 करोड़ रुपये) का विशेष आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की। इस पैकेज से मॉरीशस अपने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को मजबूत करेगा।
शिवसागर रामगुलाम की 125वीं जयंती का जश्न
प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के दौरान बताया कि इस वर्ष शिवसागर रामगुलाम की 125वीं जयंती मनाई जा रही है। रामगुलाम ने भारत और मॉरीशस के बीच दोस्ती और सहयोग का अटूट पुल बनाया। उनका योगदान दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में अहम माना जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जश्न सिर्फ एक समारोह नहीं बल्कि उन साझा मूल्यों को याद करने का मौका है, जो दोनों देशों को जोड़ते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भविष्य में निवेश की तरह है, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और विकास को नई दिशा देगी।
राजकीय यात्रा से मिलेंगे नए अवसर
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. राम गुलाम की चार दिवसीय यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। इस यात्रा के दौरान उत्तराखंड में सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यटन से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा होगी। भारत की ओर से घोषित आर्थिक पैकेज मॉरीशस में स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रोजगार के लिए मददगार साबित होगा। दोनों देश मिलकर व्यापार को बढ़ावा देने, नई तकनीक अपनाने और स्थानीय मुद्रा में लेन-देन की दिशा में काम करेंगे। यह यात्रा भारत-मॉरीशस की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मौका है, जो साझा विकास और समृद्धि का रास्ता खोलेगी।
