
CM Dhami gave strict instructions
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर चमोली जिले के थराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता देने तथा बचाव कार्यों में कोई भी कोताही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों और मृतकों के परिजनों के लिए तुरंत वित्तीय मदद देने का आदेश भी जारी किया।
राहत एवं मुआवजे के निर्देश
सीएम धामी ने प्रभावित क्षेत्रों के पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों के लिए ₹5 लाख की सहायता राशि तथा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रभावित परिवारों को संकट के समय आर्थिक सहायता मिल सकेगी और वे जल्दी से पुनर्निर्माण कार्य शुरू कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस प्रक्रिया में शीघ्रता बरतने को कहा।
जल निकासी और बचाव कार्यों पर खास ध्यान
सीएम ने अधिकारियों को स्यानाचट्टी समेत अन्य क्षेत्रों से जल निकासी को जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि बाढ़ का खतरा कम किया जा सके। उन्होंने बचाव कार्यों में कोई लापरवाही न करने और प्रभावित परिवारों को पूरी मदद देने पर जोर दिया। राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की भी अपील की।
आपदा पैटर्न अध्ययन के लिए समिति गठित
मुख्यमंत्री ने हाल की आपदाओं के कारणों और पैटर्न का गहराई से अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की एक समिति गठित करने का आदेश दिया। इस समिति से रिपोर्ट तैयार करवाई जाएगी, जिससे भविष्य में बेहतर आपदा प्रबंधन नीतियां बनाई जा सकें। यह कदम राज्य सरकार की ओर से आपदा जोखिम कम करने और तैयारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
समन्वय और निगरानी की जरूरत
सीएम धामी ने अधिकारियों को लगातार राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी करने तथा सार्वजनिक रूप से स्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंच सके। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर क्षेत्रीय सहायता कार्यों को गति देने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता और सतत समीक्षा से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित जनता के लिए तत्पर है और उनके पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उनके निर्देशों का उद्देश्य तत्काल राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक योजना बनाकर बेहतर आपदा प्रबंधन स्थापित करना है।
