
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को उत्तराखंड के चारों धामों और प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया गया। तीर्थ पुरोहितों ने प्रधानमंत्री की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए भगवान से प्रार्थना की। बदरीनाथ और केदारनाथ धामों में विशेष हवन और महारुद्राभिषेक किया गया। इसमें स्थानीय निवासी, तीर्थ यात्री और बीकेटीसी पदाधिकारी शामिल रहे। तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से चारों धामों में विकास और पुनर्निर्माण के अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने भी भाग लिया।
बदरीनाथ और केदारनाथ में आयोजित हवन और अभिषेक
बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी पदाधिकारियों की मौजूदगी में विशेष हवन किया गया। तीर्थ पुरोहितों ने भगवान बदरी विशाल से प्रधानमंत्री के लिए मंगलकामना की। केदारनाथ धाम में महारुद्राभिषेक का आयोजन कर बाबा केदार से प्रधानमंत्री के लिए आशीर्वाद मांगा गया। पुरोहितों ने कहा कि मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों से चारों धामों का पुनर्निर्माण तेजी से हुआ है। प्रधानमंत्री कई बार स्वयं इन धामों का दौरा कर चुके हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों की उपस्थिति में विशेष पूजा अर्चना सम्पन्न की गई।
प्रधानमंत्री मोदी के योगदान की प्रशंसा
तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक मान और सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी के प्रयासों से देश विश्व मंच पर नेतृत्व की स्थिति में पहुंच गया है। प्रदेश के अन्य तीर्थ स्थलों पर भी स्वतःस्फूर्त तरीके से प्रधानमंत्री के लिए पूजा अर्चना की गई। स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों ने हवन, अभिषेक और आरती में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है, और इसी वजह से धामों में उनकी विशेष पूजा का आयोजन किया गया।
प्रदेशवासियों ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
उत्तराखंड के जनमानस ने भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कई जगह स्वतःस्फूर्त हवन और पूजा अर्चना आयोजित की गई। स्थानीय लोगों ने भगवान से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री दीर्घायु रहें और देश की सेवा करते रहें। अधिकारियों ने भी प्रदेशवासियों की ओर से पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई संदेश भेजा। इस मौके पर यह संदेश भी दिया गया कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से उत्तराखंड के तीर्थस्थलों का विकास और जनकल्याण सुनिश्चित हुआ है, और जनता उनके नेतृत्व को सराहती है।
