राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अगले महीने देवभूमि उत्तराखंड के तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचेंगी। दरअसल यह दौरा 12 जून से शुरू होकर 14 जून तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में सलामी लेने के साथ-साथ केदारनाथ धाम के दर्शन भी करेंगी। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका उत्तराखंड का पहला महत्वपूर्ण दौरा होगा, और इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
दरअसल राष्ट्रपति मुर्मू का उत्तराखंड दौरा 12 जून को दोपहर बाद राजधानी देहरादून पहुंचने के साथ प्रारंभ होगा। वे सीधे राजपुर रोड स्थित ‘राष्ट्रपति आशियाना’ जाएंगी, जहां वे विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगी। इन मुलाकातों में राज्य के प्रमुख अधिकारी और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियां शामिल हो सकती हैं। राष्ट्रपति ‘आशियाना’ में ही रात्रि विश्राम करेंगी, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
आईएमए की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी
वहीं अगले दिन, यानी 13 जून को, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। यह अवसर देश के भावी सैन्य अधिकारियों के लिए उनके करियर का सबसे यादगार और गौरवशाली क्षण होता है। इस परेड में राष्ट्रपति मुर्मू सलामी लेंगी, जो उनके लिए भी एक विशेष अनुभव होगा। यह पहला मौका होगा जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आईएमए की पासिंग आउट परेड की सलामी लेंगी, जिससे इस कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ जाता है। सैन्य अधिकारियों और कैडेटों के लिए यह गर्व का क्षण होगा जब देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति उनके समारोह की शोभा बढ़ाएगा।
14 जून को केदारनाथ धाम के दर्शन करेंगी
दरअसल अपने तीन दिवसीय प्रवास के अंतिम पड़ाव में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 14 जून को केदारनाथ धाम के दर्शन करेंगी। बाबा केदार के पावन धाम में वे पूजा-अर्चना करेंगी और आशीर्वाद लेंगी। उत्तराखंड की इस धार्मिक यात्रा के बाद, दोपहर बाद वे हवाई मार्ग से नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए राजधानी देहरादून से लेकर केदारनाथ तक पूरे मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक तंत्र अभी से सक्रिय हुआ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए देहरादून में प्रशासनिक तंत्र अभी से सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, सोमवार 25 मई को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राष्ट्रपति के दौरे से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और अन्य आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि राष्ट्रपति का यह वीवीआईपी मूवमेंट हर लिहाज से त्रुटिहीन रहे।
उत्तराखंड में इस वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए राजधानी देहरादून से लेकर केदारनाथ तक पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि राष्ट्रपति का यह दौरा हर लिहाज से सुव्यवस्थित रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व ही सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जांच और व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। सड़कों की मरम्मत से लेकर आवागमन की व्यवस्था तक, हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि राष्ट्रपति को किसी प्रकार की असुविधा न हो।






