उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 मार्च से शुरू, मुख्यमंत्री धामी पहुंचे गैरसैंण, 10 मार्च को पेश हो सकता है बजट

प्रदेश सरकार बजट सत्र के लिए ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, मंत्री, विधायक और अधिकारी दोपहर बाद भराड़ीसैंण पहुंचे। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जबकि 10 मार्च को बजट पेश होने की संभावना है।
उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 मार्च से शुरू, मुख्यमंत्री धामी पहुंचे गैरसैंण, 10 मार्च को पेश हो सकता है बजट

गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में बजट सत्र की हलचल तेज हो गई है। प्रदेश सरकार की पूरी टीम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी दोपहर बाद यहां पहुंची। प्रशासनिक स्तर पर सत्र संचालन की तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी गई है।

इस सत्र में सदन का फोकस प्रश्नकाल और विधायी कामकाज पर रहेगा। पक्ष और विपक्ष के विधायकों की ओर से कुल 600 प्रश्न सूचीबद्ध हैं, जिन पर सदन में चर्चा और जवाबदेही का दबाव दोनों दिख सकता है।

राज्यपाल के अभिभाषण से शुरुआत, एजेंडा आज तय होगा

भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से की जाएगी। इसके साथ ही आज कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें सदन के संचालन, चर्चा के विषय और कार्यसूची का अंतिम खाका तय किया जाएगा।

सदन पटल पर सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे जाने हैं। इनमें विधेयक, अध्यादेश और विभिन्न विभागों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट शामिल रहेंगी। इससे बजट चर्चा के साथ नीतिगत और विभागीय समीक्षा का दायरा भी बढ़ेगा।

10 मार्च को बजट पेश होने की संभावना

विधानसभा सत्र के मौजूदा कार्यक्रम के बीच सरकार 10 मार्च को बजट पेश कर सकती है। बजट प्रस्तुति से पहले विभागवार प्राथमिकताएं और वित्तीय प्रावधानों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहने की उम्मीद है।

विधायकों के सवालों की संख्या इस बात का संकेत है कि सत्र में स्थानीय मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय योजनाओं तक कई विषय उठेंगे। ऐसे में सरकार के लिए प्रश्नकाल और बजट बहस, दोनों ही प्रमुख परीक्षा होंगे।

विधानसभा परिसर में कड़ी सुरक्षा, पासधारकों को ही प्रवेश

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विधानसभा परिसर में केवल अधिकृत पासधारकों को ही प्रवेश मिलेगा।

गेट पर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा योजना में परिसर और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी भी शामिल है, ताकि सत्र के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था की आशंका न रहे।

प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि संभावित जुलूस या प्रदर्शन को विधानसभा परिसर के पास नहीं आने दिया जाएगा। कुल मिलाकर, इस बार सत्र के दौरान विधायी कार्यवाही और सुरक्षा प्रबंधन दोनों को उच्च प्राथमिकता पर रखा गया है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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