Hindi News
Sat, Jan 10, 2026

अंकिता भंडारी केस की होगी CBI जांच, मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला, कहा- ‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता का अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की जांच CBI से कराने का निर्णय लिया है।
अंकिता भंडारी केस की होगी CBI जांच, मुख्यमंत्री धामी का बड़ा फैसला, कहा- ‘दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा’

उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता का अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की जांच CBI से कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा। मातृशक्ति की सुरक्षा एवं उनके सम्मान के लिए हमारी सरकार सदैव प्रतिबद्ध रही है। देवभूमि उत्तराखंड में कानून का राज है, यहां दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

अंकिता भंडारी केस में SIT का गठन

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो जारी कर कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

सीएम ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

केस की जांच प्र​क्रिया जारी- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

कौन थी अंकिता भंडारी?

बता दें कि अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल के गंगा-भोगपुर इलाके में वनंतरा टूरिस्ट रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। उन पर गंभीर आरोप लगे थे कि साल 2022 में उनके साथ बलात्कार हुआ और फिर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद, अंकिता के शव को नहर में फेंक दिया गया था। यह दुखद घटना के छह दिन बाद उनका शव बरामद हुआ था। इस मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में दोषी पाया गया और उन्हें उम्रकैद की सजा हुई है।