Uttarakhand News: फैक्ट्रियों को जिस स्किल की जरूरत, उसी ट्रेड में युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग; CM धामी बोले- उद्योगों से सीधे करेंगे MOU

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में युवाओं ने रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, रोजगार और स्वरोजगार पर CM से किए सवाल; सगंध मिशन से स्थानीय वनस्पतियों और पिरुल से कमाई के मॉडल पर भी हुई बात
Uttarakhand News: फैक्ट्रियों को जिस स्किल की जरूरत, उसी ट्रेड में युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग; CM धामी बोले- उद्योगों से सीधे करेंगे MOU

देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को पहले प्रशिक्षण देने और फिर नौकरी तलाशने के बजाय अब उद्योगों की जरूरत के हिसाब से स्किल सिखाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार उद्योगों और फैक्ट्रियों से सीधे MOU कर यह पता लगाएगी कि उन्हें किन ट्रेड और स्किल में प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत है। उसी आधार पर युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण के बाद उनके लिए रोजगार के अवसर भी तैयार रहें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम में युवाओं से संवाद के दौरान यह बात कही। यहां छात्रों ने उनसे रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, तकनीक, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े सवाल किए।

छात्र ने पूछा- नई फैक्ट्रियां आ रही हैं, युवाओं को तैयार कैसे करेंगे?

संवाद के दौरान एक छात्र ने उत्तराखंड में स्थापित हो रहे उद्योगों और फैक्ट्रियों का जिक्र करते हुए पूछा कि उनमें रोजगार के लिए स्थानीय युवाओं को जरूरी कौशल कैसे मिलेगा?

धामी ने कहा कि सरकार उद्योगों से सीधे यह जानकारी ले रही है कि उन्हें किस तरह के प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत है। इसके लिए उद्योगों और फैक्ट्रियों के साथ MOU किए जाएंगे और उनकी जरूरत के मुताबिक ट्रेड की पहचान होगी। इसके बाद युवाओं को उसी क्षेत्र की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कुशल लोग मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उत्तराखंड की खुशबू को बाजार से जोड़ने की तैयारी

बात केवल नौकरी तक सीमित नहीं रही। स्वरोजगार पर सवाल आया तो मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के स्थानीय संसाधनों से कमाई के नए रास्ते तैयार करने की बात कही।

उन्होंने ‘सगंध मिशन’ का उदाहरण देते हुए बताया कि उत्तराखंड की विशिष्ट वनस्पतियों से सुगंधित उत्पाद और परफ्यूम तैयार कर उन्हें ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के जरिए देश और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके पीछे स्थानीय संसाधनों की कीमत बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और छोटे उद्यम खड़े करने की सोच है।

जंगल का पिरुल भी बनेगा कमाई का जरिया

धामी ने युवाओं से बातचीत में पिरुल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य में पिरुल को 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जा रहा है और इससे अलग-अलग उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। सरकार इसे जंगलों में पड़े रहने वाले संसाधन के बजाय स्थानीय लोगों की आय और स्वरोजगार से जोड़ने की कोशिश कर रही है।

रोबोटिक्स से साइबर सिक्योरिटी तक युवाओं ने रखे अपने आइडिया

कार्यक्रम में छात्रों ने केवल सवाल ही नहीं किए, बल्कि भविष्य के उत्तराखंड को लेकर अपने सुझाव भी रखे। रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और दूसरी नई तकनीकों पर युवाओं के विचार सुनने के बाद धामी ने कहा कि नई सोच, बड़े सपने और युवाओं का आत्मविश्वास विकसित उत्तराखंड की ताकत है।

उन्होंने युवाओं से अपनी रुचि और क्षमता के मुताबिक नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने को कहा। मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार की कोशिश युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित रखने के बजाय उनके नए विचारों, तकनीक और स्थानीय संसाधनों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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