Uttarakhand News:  उत्तराखंड सरकार का ‘मास्टरस्ट्रोक’, पूर्व सैनिकों और उनके परिवार को मिलेगा ‘सबसे सस्ता’ इलाज, इन अस्पतालों में उपलब्ध होगी सुविधा  

यूईएसएल ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए निजी अस्पतालों से करार किया है। अब उन्हें सीजीएचएस/ईसीएचएस दरों पर इलाज मिलेगा। यह सुविधा तुरंत लागू हो गई है और राज्य के अस्पतालों तक इसे फैलाने की तैयारी है।
Uttarakhand News:  उत्तराखंड सरकार का ‘मास्टरस्ट्रोक’, पूर्व सैनिकों और उनके परिवार को मिलेगा ‘सबसे सस्ता’ इलाज, इन अस्पतालों में उपलब्ध होगी सुविधा  

पूर्व सैनिकों और उनके स्वजन की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड एक्स सर्विसमैन लीग (यूईएसएल) ने एक बड़ी पहल की है। लीग ने दून के कई प्रमुख निजी अस्पतालों से करार किया है। इस करार के तहत पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को सीजीएचएस/ईसीएचएस दरों पर उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा मिलेगी। खास बात यह है कि केवल आश्रित ही नहीं बल्कि माता-पिता, पुत्र-पुत्रवधू, पुत्री-दामाद जैसे नॉन डिपेंडेंट परिजन भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल से समझौता

शुक्रवार को श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल और यूईएसएल के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। अस्पताल की ओर से चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी और लीग की ओर से अध्यक्ष मेजर जनरल एमएल असवाल (सेनि) तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्नल अमित वीर पांड्या (सेनि) मौजूद रहे। इस अवसर पर कार्डियक साइंसेज विभाग के निदेशक डॉ. कर्नल सलिल गर्ग भी शामिल थे। डॉ. रतूड़ी ने बताया कि इस करार के बाद पूर्व सैनिक और उनके परिवारजन अब उच्च स्तरीय मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं का लाभ रियायती दरों पर उठा पाएंगे।

राज्यभर में सुविधा का विस्तार होगा

कर्नल अमित वीर पांड्या ने कहा कि करार की प्रतियां सभी जगह प्रसारित कर दी गई हैं और यह सुविधा तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अन्य जिलों के अस्पतालों से भी बातचीत की जा रही है। लक्ष्य है कि पूरे उत्तराखंड में पूर्व सैनिक और उनके परिवारजन इस राहत का लाभ उठा सकें। इससे उन परिवारों की बड़ी मदद होगी जो महंगे इलाज के चलते चिंतित रहते हैं।

जुड़े अस्पताल और स्वागत

इस पहल से अब तक वेलमेड अस्पताल, कनिष्क अस्पताल, सुनंदा मेडिकल सेंटर, अरिहंत अस्पताल, ग्राफिक एरा अस्पताल, दृष्टि आई अस्पताल, श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल शामिल हो चुके हैं। जीवन ज्योति आई अस्पताल से बातचीत प्रक्रिया में है। पूर्व सैनिकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि अब उन्हें महंगे इलाज की चिंता कम हो जाएगी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।

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