
उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के नतीजे आ गए हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ज़िला पंचायत अध्यक्ष पदों पर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 11 में से 10 जिलों में जीत हासिल की है। केवल देहरादून में कांग्रेस ने बाज़ी मारी और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष दोनों पद अपने नाम किए। चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग जैसे ज़िलों में बीजेपी ने दमदार जीत दर्ज की।
चमोली में बीजेपी के दौलत सिंह बिष्ट ने कांग्रेस की रमा देवी को हराया। पौड़ी में रचना बुटोला अध्यक्ष बनीं। पिथौरागढ़ में जितेंद्र प्रसाद को निर्विरोध चुना गया। बागेश्वर में शोभा देवी और विशाखा खेतवाल दोनों ही बीजेपी से विजयी रहीं। उत्तरकाशी में रमेश चौहान बिना मुकाबले अध्यक्ष बने, वहीं अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग में भी बीजेपी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
देहरादून में कांग्रेस की वापसी, तीन-तीन सीटों पर बराबरी
देहरादून ज़िले में कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सुखविंदर कौर ज़िला पंचायत अध्यक्ष बनीं और उपाध्यक्ष पद पर अभिषेक सिंह को सफलता मिली। ब्लॉक प्रमुख पदों पर भी कांग्रेस और बीजेपी ने बराबर की टक्कर दी। दोनों को 3-3 सीटें मिलीं। यह कांग्रेस के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि ज़्यादातर ज़िलों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
ब्लॉक प्रमुख चुनावों में कांटे की टक्कर
ब्लॉक प्रमुख पदों पर मुकाबला काफी रोचक और नजदीकी रहा। कुछ जगह कांग्रेस ने जीत दर्ज की, तो कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने सभी को चौंका दिया। पौड़ी में बीजेपी ने 15 में से 10 ब्लॉकों पर कब्जा किया, 2 पर कांग्रेस और 2 पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और उत्तरकाशी में मिश्रित नतीजे देखने को मिले।
भीमताल में बीजेपी के हरीश बिष्ट और बेतालघाट में कांग्रेस समर्थित अंकित साह ब्लॉक प्रमुख बने। रुद्रप्रयाग में दो ब्लॉक कांग्रेस और एक पर बीजेपी ने जीत हासिल की।
सीएम ने दी बधाई, कांग्रेस नेता का इस्तीफा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीजेपी उम्मीदवारों की जीत पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इसे जनता के विश्वास और संगठन की मेहनत का परिणाम बताया। साथ ही सभी नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुखों को उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
वहीं, चमोली में हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि संख्या बल होने के बावजूद परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आए।
