जनप्रतिनिधियों खिलाफ प्रेस क्लब ने किया निंदा प्रस्ताव पारित, सीएम से करेंगे ये मांग

जनप्रतिनिधियों खिलाफ प्रेस क्लब ने किया निंदा प्रस्ताव पारित, सीएम से करेंगे ये मांग

Press Club censure motion against public representatives : शुक्रवार को विदिशा प्रेस क्लब नरेन्द्र ताम्रकार स्मृति भवन में आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। यहां प्रेस क्लब अध्यक्ष सहित तीनों दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं इस बड़ी दुर्घटना के बाद भी जिले की 3 विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों, जिले से जुड़े दोनों सांसदों, जिले के प्रभारी मंत्री और सांची के विधायक और मंत्री के खिलाफ शोक तक व्यक्त न करने के चलते निंदा प्रस्ताव पारित किया गया है।

प्रेस क्लब विदिशा में आयोजित बैठक के दौरान वरिष्ठ पत्रकार बृजेन्द्र पांडे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इस दुर्घटना में हमने अपने प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश शर्मा के साथ दो अन्य सहयोगी सुनील शर्मा और नरेन्द्र दीक्षित को खो दिया है। इस घटना के कुछ समय बाद ही देर रात को ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर घटना पर शोक और दुख व्यक्त किया था। दूसरे दिन उनकी तरफ से तीनों पत्रकारों के परिवारों के लिए सहयोग राशि की घोषणा कर दी गई। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भी ट्विटर के माध्यम से इस घटना पर शोक व्यक्त किया। प्रदेश स्तरीय कुछ अन्य नेताओं ने भी कुछ इस प्रकार से शोक व्यक्त किया, लेकिन विदिशा जिले के विधायक लीना जैन, हरीसिंह सप्रे, राजश्री सिंह, जिले से जुड़े दोनों सांसद राज बहादुर सिंह और खासतौर से विदिशा सांसद रमाकांत भार्गव द्वारा भी किसी प्रकार से शोक व्यक्त नहीं किया गया। परिवार की मदद की बात तो दूर है। कमोबेश यही हाल जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग का भी है। उन्होंने भी इस पर न तो शोक व्यक्त किया, न ही परिजनों से मिले और न ही अपना कोई संदेश किसी भी माध्यम से परिवार या प्रेस तक पहुंचाया। एक दिन पहले भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर तीनों पत्रकारों के परिवारों के बीच पहुंचकर शोक व्यक्त कर चुकी हैं।

वरिष्ठ पत्रकार बृजेन्द्र पांडे ने कहा कि जिस वक्त सांची क्षेत्र में यह घटना घटी, उस वक्त उसी क्षेत्र के विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी जो विदिशा जिले में आयोजित कार्यकम में सम्मिलित होने के बाद वापिस गए थे और सांची में ही मौजूद थे। सांची की होटल में ही उन्होंने भोजन भी किया था। उनके काफिले की वजह से घटना स्थल से सांची अस्पताल आ रही एम्बुलेंस को जाम में फंसना पड़ा। इतनी बड़ी घटना के बाद विदिशा और सांची के तमाम पत्रकार घटना स्थल और सांची अस्पताल पहुंच गए थे। उसके बाद भी मंत्री महोदय को घटना की जानकारी उनके कारिंदों ने नहीं दी या उनके ही जिले और उनकी ही विधानसभा में उन्हें किसी जिम्मेदार ने यह जानकारी देना उचित नहीं समझा जो उनकी प्रशासनिक ढील को उजागर करता है या फिर सारी जानकारी होने के बावजूद भी उन्होंने इस घटनाक्रम में मौके पर आना तो दूर शोक व्यक्त करना भी उचित नहीं समझा। इन्हीं सब बातों को लेकर जनप्रतिनिधियों के रूखे व्यवहार और गैर इंसानियत भरे कदम पर पत्रकार बृजेन्द्र पांडे द्वारा निंदा प्रस्ताव रखा गया, जिसे प्रेस क्लब विदिशा ने सर्वसम्मति से पास करते हुए लिखित रूप से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस संबंध में शिकायती चर्चा करने और जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग को विदिशा जिले से हटाने, किसी भी जिले का प्रभार न देने की मांग करने का निर्णय लिया है।

इस बीच बैठक में पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष भरत राजपूत ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश शर्मा और पूर्व नपाध्यक्ष मुकेश टंडन द्वारा लिए निर्णय से अवगत कराया कि नपा में तीनों पत्रकारों के परिवारों में सक्षम और पात्र व्यक्ति को संविदा तौर पर नियुक्ति देने की घोषणा की गई है। इस घोषणा पर प्रेस क्लब के साथियों द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। प्रेस क्लब के सभी साथियों द्वारा दिवंगत तीनों पत्रकार साथियों के चित्र पर माल्यार्पण कर और पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। दो मिनिट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई। इस दौरान सभी प्रेस क्लब के सदस्य मौजूद रहे।

विदिशा से ममता पांडे की रिपोर्ट

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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