किराए पर मकान देने के लिए ले डाला लंबा चौड़ा इंटरव्यू, आखिरी में दिया ये जवाब…

किराए पर मकान देने के लिए ले डाला लंबा चौड़ा इंटरव्यू, आखिरी में दिया ये जवाब…

Social media viral : इन दिनों शहरों में किराए का मकान ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं। सबसे पहले तो किसी अच्छे इलाके में मनपसंद मकान मिल जाए। इसके बाद सबसे बड़ी समस्या है किराए की। ढंग  की जगह पर मकान का किराया इतना ज्यादा होता है कि हर कोई उसे अफोर्ड कर पाए..मुमकिन नहीं। इसके अलावा भी तमाम और बातें हैं..जैसे कोई बैचलर्स को किराए पर मकान नहीं देना चाहता। किसी को सिर्फ वेजिटेरियन किराएदार चाहिए। किसी को कुत्तों से दिक्कत होती है तो किसी को सिर्फ छोटा परिवार चाहिए। ऐसे में अगर कोई मकान मालिक अपने किराएदार का लंबा चौड़ा इंटरव्यू लेने लगे..तो मुसीबत कई गुना बढ़ जाती है।

अब तक आपने जॉब इंटरव्यू, किसी कोर्स में एडमिशन के लिए या फिर प्रमोशन वगैरह के लिए तो इंटरव्यू होते देखे होंगे..लेकिन क्या कभी ये सुना है कि मकानमालिक ने किराएदार का इंटरव्यू लिया हो। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो इस बात का भुक्तभोगी है। नीरज मेंटा नाम के इस व्यक्ति ने ट्विटर पर ये वाकया शेयर किया है और इसे ‘भीषण अनुभव’ बताया है। वो बेंगलुरु में एक किराए का मकान खोज रहे थे और एक मकान मालिक ने हां कहने से पहले उनका इंटरव्यू लेने की बात कही। नीरज मेंटा ने लिखा है कि ‘मेरा किरायेदार साक्षात्कार मेरे सीड राउंड पिच की तुलना में अधिक लंबा और अधिक कठिन था। पहले को हमें ब्रोकर के माध्यम से अपने लिंक्डइन प्रोफाइल के साथ हमारे बैकग्राउंड के बारे में एक लिस्ट भेजनी थी। इसके बाद जह हम शॉर्टलिस्ट हो गए तो ब्रोकर ने एक इंटरव्यू कॉल सेट किया।’

वो आगे लिखते हैं ‘इस इंटरव्यू में उन्होंने मुझसे मेरी पृष्ठभूमि, परिवार के आकार आदि के बारे में विस्तृत प्रश्न पूछे। फिर मेरे स्टार्टअप की ओर बढ़ गए। उन्होंने मुझसे बिजनेस मॉडल, बर्न रेट, लास्ट राउंड इन्वेस्टर्स आदि के बारे में सवाल पूछे (उन्होंने पहले ही क्रंचबेस की जांच कर ली थी और सारा डेटा निकाल लिया था)। वह यह भी सुनिश्चित करना चाहते थे कि किराया देना जारी रखने के लिए हमारे पास पर्याप्त राशि हो। मैंने कहा कि मेरी पत्नी किराया चुकाती है..ये सुनते ही वो मेरी पत्नी के लिंक्डइन प्रोफाइल पर चले गए जो कि अपडेटेड नहीं था। इसके बाद उन्होंने मुझे सलाह दी कि व्यवसाय चलाने में कैसे सावधानी बरतें। हालांकि उनका इरादा नेक था और उन्होंने उचित बातें कहीं, लेकिन मुझे आश्चर्य हुआ कि बातचीत कितनी देर तक चली।’ और इतने लंबे इंटरव्यू के बाद उन्होने मकान किराए पर देने के लिए हामी नहीं भरी बल्कि कहा कि वह घर लेने के इच्छुक कुछ अन्य उम्मीदवारों से बात करने के बाद अपना निर्णय बताएंगे। अब इस पोस्ट पर लोग तरह तरह के कमेंट्स कर रहे हैं और ज्यादातर ये जानने के इच्छुक हैं कि इतनी लंबी चौड़ी कसरत के बाद आखिर उन्हें मकान मिला या नहीं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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