बिजली बिल की शिकायत पर मिला जवाब, ‘छूट पाना है तो BJP को हटाना है’

बिजली बिल की शिकायत पर मिला जवाब, ‘छूट पाना है तो BJP को हटाना है’

आगर मालवा| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के आगर मालवा (Aagar Malwa) जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है| बिजली के बढ़े हुए बिल की शिकायत करने पर एक शख्स को बिजली विभाग (Electricity Department) से जो जवाब मिला वो हैरान करने वाला था, बल्कि अब इस जवाब को लेकर बवाल मच गया है|

दरअसल, आगर मालवा में ज्यादा बिल आने की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने पर उपभोक्ता को जबाव मिला “अगर बिल में छूट पाना है तो बीजेपी को हटाना है और कांग्रेस को लाना है, 100 में 100 रुपए का आना है”| आगर मालवा के हरीश जाधव का करीब 30 हजार रुपए से ज्यादा का बिजली बिल आया था| जिसको लेकर उसने बिजली विभाग की बेवसाइट पर शिकायत की। शिकायत के बदले एक आईडी दी गई। दूसरे दिन जब हरीश जाधव ने वेबसाइट पर जाकर शिकायत का स्टेटस चेक किया तो हरीश के होश उड़ गए। उसमें संदेश लिखा था, “अगर बिल में छूट पाना है तो बीजेपी को हटाना है और कांग्रेस को लाना है, 100 में 100 रुपए का आना है”| इस तरह का मैसेज देख कर हरीश हैरान हो गए और उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई|

कार्यपालन यंत्री सस्पेंड
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने आगर के कार्यपालन यंत्री एस.एस. भदौरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की यह कार्यवाही कर्तव्य में लापरवाही व अनियमितता के चलते की गई है।

उपचुनाव से पहले गरमाई सियासत
शिकायत के जवाब में भाजपा का जिक्र आते ही सियासत भी गर्म हो गई है| आगर मालवा उन 24 सीटों में शामिल है जहां उपचुनाव है। इसी साल जनवरी में आगर मालवा के बीजेपी विधायक मनोहर ऊंटवाल का निधन हो गया था। और उसके बाद से ये सीट खाली है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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