27 लाख रुपये के भुगतान के बदले मांगी डेढ़ लाख रिश्वत, 50 हजार रुपये लेते लोकायुक्त पुलिस ने क्लर्क को पकड़ा

इंस्पेक्टर दीपक सेजवर ने बताया कि आरोपी क्लर्क मनीष कुमार पंड्या विजय कुमार से एक लाख रुपये ले चुका था और उसने काम पूरा हो जाने के बाद 50 हजार देने की बात कही थी।
Food Department clerk arrested taking bribe.

Food Department clerk arrested taking bribe.

लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी कार्यालय आगर में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखापाल मनीष कुमार पंड्या को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मिली शिकायत के आधार पर आज शुक्रवार को  की गई।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार जावरा निवासी विजय कुमार बोरसिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता गोवर्धनलाल जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय आगर से सेवानिवृत्त हुए हैं, उनके ग्रेच्युटी, बीमा, अवकाश नकदीकरण सहित लगभग 27 लाख रुपये के लंबित भुगतान बकाया है जिसे रिलीज करने के एवज में क्लर्क मनीष कुमार पंड्या द्वारा डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

एक लाख रुपये पहले ही ले चुका था 

शिकायत का सत्यापन कराया गया जिसमें सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। इंस्पेक्टर दीपक सेजवर ने बताया कि आरोपी क्लर्क मनीष कुमार पंड्या विजय कुमार से एक लाख रुपये ले चुका था और उसने काम पूरा हो जाने के बाद 50 हजार देने की बात कही थी।

रिश्वत लेते ही आरोपी क्लर्क गिरफ्तार  

क्लर्क ने विजय कुमार को आज रिश्वत लेकर कलेक्ट्रेट स्थित खाद्य विभाग के कार्यालय में बुलाया था, लोकायुक्त पुलिस की टीम ने विजय को रिश्वत की राशि 50 हजार रुपये लेकर खाद्य अधिकारी के कार्यालय में भेजा जहाँ उसने क्लर्क की सीट पर जाकर मनीष कुमार पंड्या को 50 हजार रुपये की रिश्वत दी पहले से तैयार लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे  रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण धिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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