आजकल शादियों में भारी-भरकम खर्च आम बात हो गई है, लेकिन सलोनी जैन ने इस सोच को बदल दिया है। 27 जून को शादी करने जा रही सलोनी ने तय किया कि वह दिखावे की शादी की जगह समाज और प्रकृति के लिए कुछ खास करेंगी। इसी सोच के तहत उन्होंने पक्षियों के लिए एक बड़ा बर्ड हाउस बनवाया।
आगर मालवा की रहने वाली सलोनी जैन ने अपनी शादी को सिर्फ एक निजी उत्सव न बनाकर समाज से जोड़ दिया है। उन्होंने शादी में होने वाले बड़े खर्चों को कम करके लगभग 7 लाख रुपये की लागत से मोती सागर झील के पास एक पक्षी आश्रय स्थल तैयार कराया। यह बर्ड टॉवर करीब 700 पक्षियों के लिए सुरक्षित घर जैसा काम करेगा।
शादी में फिजूलखर्ची पर रोक
शादियों में अक्सर लाखों-करोड़ों रुपये सिर्फ सजावट, दावत और दिखावे पर खर्च कर दिए जाते हैं। लेकिन सलोनी जैन ने इस परंपरा से हटकर एक नया उदाहरण पेश किया है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि शादी सिर्फ एक दिन का जश्न नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ अच्छा करने का मौका भी हो सकती है। उनके परिवार ने भी इस फैसले में पूरा साथ दिया और मिलकर एक ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया जो लंबे समय तक लोगों और पक्षियों दोनों के काम आएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोती सागर झील के आसपास पहले से ही बड़ी संख्या में पक्षी आते हैं, लेकिन मौसम बदलने पर उन्हें सुरक्षित जगह नहीं मिलती थी। अब यह पक्षी टॉवर उनके लिए स्थायी आश्रय बनेगा। नगर पालिका ने भी इस पहल को सराहा है और यहां दाना-पानी की व्यवस्था करने की बात कही है। यह कदम आने वाले समय में अन्य परिवारों को भी प्रेरित कर सकता है कि वे अपने पारिवारिक आयोजनों को समाज से जोड़ें।
पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना बर्ड टॉवर
इस अनोखे बर्ड हाउस का उद्घाटन सादगी के साथ किया गया, जिसमें कई स्थानीय लोग और संत समाज शामिल हुए। कार्यक्रम में जैन मुनि धर्मघोष विजय जी महाराज ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पशु-पक्षी हमारे पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं और उनकी रक्षा करना हर इंसान की जिम्मेदारी है।
सलोनी जैन का मानना है कि शादी में खर्च किया गया पैसा कुछ समय बाद याद भी नहीं रहता, लेकिन अगर वही पैसा किसी जीव के जीवन को सुरक्षित बनाने में लग जाए तो उसका असर सालों तक रहता है। इस सोच ने उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिलाई है। मोती सागर झील पर बना यह पक्षी टॉवर अब न सिर्फ पक्षियों का घर बनेगा, बल्कि शहर की एक नई पहचान और प्रेरणा स्थल के रूप में भी उभरेगा।






