देश के 5 राज्यों में दिवाली पर बनाएं जाते हैं ये पारंपरिक व्यंजन, मिलता है स्वाद और परंपरा का अनोखा मिश्रण

इस साल देश भर में 31 अक्टूबर को दिवाली का त्यौहार मनाया जाएगा। रोशनी के त्यौहार की तैयारी हम सभी के घरों में शुरू हो चुकी है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि देश के किन राज्यों में दिवाली के मौके पर स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं।
traditional diwali dishes

Traditional Diwali Dishes: दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जो देश भर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। यह न केवल सनातन धर्म का बल्कि पूरे देश का सबसे बड़ा और खास त्यौहार है। बुराई के अंधेरे को मिटाकर अच्छा है की रोशनी बिखरने वाला यह त्यौहार देश के हर राज्य में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दिवाली के कई दिनों पहले से इसकी तैयारी होने लगती है। इस दौरान तरह-तरह के पकवान भी बनाए जाते हैं, जिनका लोगों को साल भर इंतजार रहता है।

दीपावली वैसे तो देश भर में मनाई जाती है लेकिन हर राज्य में इसे मनाने का अंदाज अलग-अलग है। वैसे हम सभी पटाखे फोड़कर और माता लक्ष्मी की पूजा कर इसे सेलिब्रेट करते हैं, लेकिन आज हम आपको भारत के पांच राज्यों की पारंपरिक डिशेज बताते हैं, जो दिवाली के मौके पर खासतौर पर बनाई जाती है। चलिए इन स्वादिष्ट व्यंजनों के बारे में जानते हैं।

दिवाली के पारंपरिक व्यंजन (Traditional Diwali Dishes)

मावा कचौरी

दिवाली के मौके पर राजस्थान में मुख्य रूप से मावा कचौरी बनाई जाती है। यह जोधपुर के सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजनों में से एक है। इस मिठाई में सूखे मेवे के साथ मावा मिलाया जाता है और फिर कचौरी में भरकर चाशनी में डुबो दिया जाता है। यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और क्रंची लगती है।

बबरू

हिमाचल प्रदेश में दिवाली पर पारंपरिक पकवान बबरु बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए मैदा खमीर आटा चीनी और गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। इन सबको मिक्स कर गूंथा जाता है और फिर गोल आकार की छोटी-छोटी पूरी बेलकर उन्हें सुनहरा होने तक तला जाता है। इसे कई हफ्ते तक स्टोर किया जा सकता है और यह खाने में स्वादिष्ट लगती है।

नारिकोल

यह दिवाली के मौके पर असम में तैयार किया जाने वाला एक पारंपरिक व्यंजन है। आम भाषा में लोग इसे नारियल का लड्डू भी कहते हैं। यह मिठाई नारियल, हरी इलायची पाउडर, घी और चीनी के उपयोग से तैयार की जाती है। इसका स्वाद लाजवाब होता है और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें मेवे और किशमिश भी डाले जाते हैं।

शुफ्ता

जम्मू कश्मीर में दिवाली का भरपूर उल्लास देखने को मिलता है। दिवाली के मौके पर यहां पर शुफ्ता नाम की पारंपरिक मिठाई बनाई जाती है। इस सूखे मेरे को चीनी और चाशनी में मिलाकर तैयार किया जाता है। सबसे पहले इन्हें पानी में भिगोया जाता है और फिर घी, मसाले और चाशनी में सारी चीज मिक्स कर दी जाती है। कुछ लोग इसमें गुलाब की पंखुड़ी और केसर का इस्तेमाल भी करते हैं।

छोड़ो शाक

पश्चिम बंगाल में दिवाली के दिन यह डिश बनाई जाती है। दरअसल वहां पर दीपावली के साथ काली पूजा का त्यौहार भी मनाया जाता है। बंगाली परिवार विशेष रूप से इस व्यंजन को तैयार करते हैं। इसे बनाने में 14 हरी पत्तेदार सब्जियों का उपयोग किया जाता है। यह खाने में लाजवाब लगती है।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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