Monkey festival : बंदरों की दावत, खूब होती है आवभगत

Monkey festival : बंदरों की दावत, खूब होती है आवभगत

Thailand Monkey festival : हम सभी कभी न कभी दावत में जाते हैं जहां तह तरह के पकवान होते हैं। शानदार बुफे सजता है और वहां लज्ज़तदार व्यंजन परोसे जाते हैं। ऐसी दावतों दुनिया भर में होती है। फिर चाहे शादी हो, सालगिरह, त्यौहार, प्रमोशन या कोई भी खुशी। लोग मौके बेमौके दावत का इंतज़ाम कर ही लेते हैं। इसमें जाना सभी को पसंद होता है क्योंकि पहली बात यहां बढ़िया खाना मिलता है और फिर लोगों से मेल मुलाकात भी हो जाती है।

बंदरों की दावत

ऐसी ही एक दावत की जाती है थाईलैंड में..यहां बाकी तैयारियां को वैसे ही होती है जैसी आम तौर पर की जाती है लेकिन खास बात है इसके मेहमान। यहां जिन मेहमानों के लिए ये दावत आयोजित की जाती है वो असल में बंदर हैं। ये सारा साजो सामान बंदरों के लिए सजाया जाता है। उनके लिए खास डिश बनती है और उन्हें जीभर कर खिलाया जाता है। ये बंदरों के मज़े वाला दिन होता है और वो छककर खाते हैं और खूब मस्ती करते हैं। ये खास मंकी फेस्टिवल नवंबर महीने के आखिरी रविवार को आयोजित होता है। थाईलैंड के Phra Prang Sam Yot temple में होने वाले इस फेस्टिवल में लोपबुरी प्रांत में बंदरों को न्योता दिया जाता है।

दरअसल इसके पीछे मान्यता है कि ऐसा करना इलाके के लिए गुड लक है। इससे वहां लोग खुश रहेंगे और उनके घर समृद्धि आएगी। इसीलिए वहां के स्थानीय लोग मिलकर ये आयोजन करते हैं। ओपनिंग सेरेमनी में लोग बंदर का कॉस्ट्यूम पहनकर डांस करते हैं। इसके बाद मंदिर में खाने की टेबल से कवर हटा दिया जाता है और बंंदरों को वहां छोड़ देते हैं। बंदर टेबल पर चढ़कर खूब खाना खाते हैं और मस्ती भी करते हैं। खाने मे उन्हें तरह तरह के फल और सब्जियों के साथ कई अन्य चीज़ें दी जाती है। इनके लिए करीब दो टन खाने की व्यवस्था की जाती है। यहां के लोग बंदरों को शुभ मानते हैं इसीलिए साल में एक बार उनकी खूब आवभगत करते हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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