ये हैं दुनिया की 5 सबसे महंगी लकड़ियां, कीमत इतनी कि खरीद सकते हैं सोना

हमारे आसपास और पूरी दुनिया में एक से बढ़कर एक चीज मौजूद है। जब हम मार्केट में जाएंगे तो सस्ती से महंगी सभी चीज हमें देखने को मिल जाएगी। चलिए आज हम आपको पांच सबसे महंगी लकड़ियों के बारे में बताते हैं।
most expensive woods

Most Expensive Wood: यह दुनिया बहुत अनोखी है और यहां कई अलग-अलग और एक से बढ़कर एक चीज देखने को मिलती है। किसी चीज को अपनी खासियत की वजह से पहचाना जाता है तो कोई अपनी कीमत की वजह से प्रसिद्ध है। दरअसल, जब हम बाजार में किसी भी चीज की खरीदी के लिए जाएंगे, तो हमें उसके सस्ते से लेकर महंगे आइटम देखने को मिलेंगे। हर चीज दाम के हिसाब से अलग-अलग तरह की आती है।

जब भी कोई व्यक्ति खरीदारी करने जाता है तो उसका अपना एक बजट होता है और वह उसी के हिसाब से खरीदी करता है। हम में से सभी लोगों ने आज तक सस्ती और महंगी दोनों ही तरह की चीजों की खरीदारी की होगी। खरीदारी करने के दौरान क्या आप में से कभी किसी ने सोचा है कि दुनिया में सबसे महंगी लकड़ी कौन सी होगी। अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको सबसे महंगी लकड़ियों के बारे में बताते हैं।

सबसे महंगी लकड़ियां (Most Expensive Wood)

अफ्रीकन ब्लैकवुड

यह दुनिया की सबसे महंगी लकड़ियों में से एक है। अपनी खासियत की वजह से यह 8 से 9 लाख रुपए प्रति किलो बिकती है। इसकी मदद से म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बनाए जाते हैं और दवा बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

अगरवुड

महंगी लकड़ियों की लिस्ट में ये लकड़ी भी शामिल है और इसकी कीमत 7 से 8 लाख रुपए प्रति किलोग्राम बताई जाती है। धूपबत्ती, अगरबत्ती जैसी चीज बनाने में इसका इस्तेमाल होता है। परफ्यूम बनाने में भी यह इस्तेमाल की जाती है।

आबनूस

अगर इस लकड़ी को खरीदना है तो इसके लिए 12 से 13 हजार प्रति फुट चुकाने होंगे। यह किलो नहीं बल्कि फुट के हिसाब से बिकती है। यह बहुत ही नरम होती है और इसकी मदद से म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट तैयार किए जाते हैं।

पिंक आइवरी

अफ्रीका में पाई जाने वाली यह लकड़ी फुट के हिसाब से बिकती है। इसकी कीमत लगभग 8000 से 9000 प्रति फुट होती है। इसे बहुत ही कीमती माना गया है और यह पूरी तरह से सरकार के संरक्षण में रहती है।

लिगनम विटे

यह काफी कठोर और भारी होती है। इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा दवाइयां बनाने में किया जाता है। बाजार में इसकी कीमत 7000 से 8000 रुपए प्रति फुट बताई जाती है। दवाइयों के अलावा अन्य चीज बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई सारी जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न माध्यमों के जरिए बताई गई है। MP Breaking News इनके सत्य और सटीक होने का दावा नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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