World’s First SMS: करोड़ों में बिका दुनिया का पहला मैसेज, जानें क्या था इसमें खास

World’s First SMS: करोड़ों में बिका दुनिया का पहला मैसेज, जानें क्या था इसमें खास

World’s First SMS : आजकल हम लोग सभी स्मार्टफोन कुछ इस कदर चलाते हैं जैसे कोई दवाई का आदि हो जाता है। दरअसल, आजकल के लोग इतने ज्यादा फोन चलाने में व्यस्त रहते हैं लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि आप जो भी ये टैक्सट एक- दूसरे को भेजते हैं वो पहली बार कब और किसने भेजा था? अगर नहीं, तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं। साथ ही, आपको यह भी बताएंगे कि यह पहला मैसेज कितने रुपयों में नीलाम हुआ था।

पहला मैसेज

दुनिया का पहला टेक्स्ट मैसेज 3 दिसंबर, 1992 को ब्रिटेन के इंजीनियर नील पापवोर्थ द्वारा भेजा गया था। उन्होंने अपने कंप्यूटर से अपने दोस्त रिचर्ड होगन पर “Merry Christmas” लिखा था। इससे पहले भी कुछ संदर्भों में ऐसा दावा किया गया था कि अन्य लोग भी इससे पहले टेक्स्ट मैसेज भेजते थे, लेकिन नील पापवोर्थ का मैसेज सबसे पहला सिद्ध हुआ था।

इतने में बिका

दुनिया का पहला एसएमएस करीब 1.13 करोड़ रुपये में बिका था। इस एसएमएस को पेरिस में एक बोली के दौरान बेचा गया था। इसे एक नॉन फंजिबल टोकन (Non-Fungible Token) यानी एनएफटी (NFT) की तरह बेचा गया है। यह एसएमएस इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है और इसका एक नॉन फंजिबल टोकन (NFT) के रूप में बेचा जाना अभी भी इसकी महत्ता को बताता है।

जानिए क्या कहा इस शख्स ने

नील पैपवर्थ ने बिना किसी सोच विचार के एक छोटे से मैसेज को भेजकर अनजाने में इतिहास रच दिया था। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मैसेजिंग इतनी लोकप्रिय हो जाएगी और उनका भेजा हुआ मैसेज इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में याद किया जाएगा। आज, हमारी दिनचर्या और संचार के माध्यम में मैसेजिंग का बहुत महत्व हो गया है जो हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है।

दुनिया के पहला टेक्स्ट मैसेज का इतिहास

टेक्स्ट मैसेजिंग का इतिहास लगभग 30 साल पहले शुरू हुआ था। इस तकनीक के बारे में सबसे पहले सोचा था कि इससे सम्पर्क के बीच संवाद बेहतर हो सकता है। दुनिया का पहला टेक्स्ट मैसेज ब्रिटेन के इंजीनियर नील पापवोर्थ द्वारा भेजा गया था। उन्होंने अपने कंप्यूटर से 3 दिसंबर, 1992 को अपने दोस्त रिचर्ड होगन को “Merry Christmas” लिखकर भेजा था। उस समय उनके दोस्त के पास मोबाइल फोन नहीं था तो उसे अपने कंप्यूटर पर एक सॉफ्टवेयर के जरिए संदेश भेजना पड़ा। उस मैसेज को भेजने के बाद से, टेक्स्ट मैसेजिंग ने धीरे-धीरे पॉपुलर होना शुरू कर दिया था। आज के समय में यह एक अत्यंत प्रभावी और लोकप्रिय संचार का माध्यम है।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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