प्रभारी मंत्री पर भड़के जिलाध्यक्ष, बोले-‘इससे अच्छी तो BJP सरकार थी’

प्रभारी मंत्री पर भड़के जिलाध्यक्ष, बोले-‘इससे अच्छी तो BJP सरकार थी’

अलीराजपुर।
15 सालों बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बावजूद अंतरकलह खत्म होने का नाम नही ले रही है, कार्यकर्ताओं और नेताओं की सुनवाई नही हो रही है, आए दिन कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद की खबरें मीडिया में सुर्खिया बन रही है। ताजा मामला अलीराजपुर से सामने आया है, जहां जिले के प्रभारी मंत्री के सामने जिलाध्यक्ष का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कहा कांग्रेस शासन में हमारी कोई सुनवाई नहीं करता है इससे अच्छा तो बीजेपी का शासन था।

दरअसल, गुरूवार को कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र सिंह हनी बघेल शासकीय रेस्ट हाउस पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने स्थानीय नेताओ और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश पटेल भड़क गए और कहा कि हमारी समस्याओं को कोई नही सुनता है न यहा का प्रशासन ओर न शासन। पटेल ने तो इतना तक कह दिया कि कांग्रेस शासन में हमारी कोई सुनवाई नहीं करता है इससे अच्छा तो बीजेपी शासन था।

बताया जा रहा है कि महेश पटेल कुछ लोकल समस्याओं की शिकायत लेकर आए थे, वे अवैध रेत परिवहन और शराब के अवैध कारोबार की शिकायत सहित ऐसे ही कुछ मुद्दों की शिकायत लेकर पहुंचे थे और कार्यकर्ताओं के काम ना होने से दुखी थे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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