पुलिसकर्मियों ने गीत गाकर बढ़ाया हौंसला, लोगों से की साथ देने की अपील

पुलिसकर्मियों ने गीत गाकर बढ़ाया हौंसला, लोगों से की साथ देने की अपील

अलीराजपुर/यतेंद्रसिंह सोलंकी

जिले का पुलिस अमला लॉक डाउन के चलते कोराना से लड़ाई लड़ने का जज्बा पैदा करने के लिए अभिनव प्रयोग कर रहा है। पुलिस अपनी ड्यूटी निभाने के साथ ही ग्रामीण जनता में जागरुकता व देश प्रेम बढ़ाकर उनका मनोबल भी बढ़ा रही है। इसी क्रम में सोमवार रात्रि उदयगढ़ पुलिस ने चौराहे पर संगीतमय राष्ट्रभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर ग्राम वासियों में नया जोश जगाया। वही विश्वव्यापी महामारी कोविड 19 के विरुद्ध जंग में घर में रहकर देश सेवा करने का संदेश भी प्रसारित किया। लाकडाउन के दौरान चबूतरे पर आयोजित कार्यक्रमों में उपनिरीक्षक राजशेखर वर्मा एवं आरक्षक श्याम चैरसिया ने अपनी सुमधुर आवाज का जादू बिखेरा। इतनी शक्ति हमें देना दाता- मन का विश्वास कमजोर हो ना, इस प्रार्थना को आसपास के लोगों ने घर की बालकनी, बरामदे में करबद्ध रहकर सुना और सराहा।

जिंदगी मौत ना बन जाए संभालो यारो, खो रहा चैनो अमन मुश्किलों में है वतन, इन गीतों के माध्यम से श्याम चौरसिया ने लाकडाउन का पालन करने, सजग सतर्क रहने की अपील की। संदेसे आते हैं हमें तड़पाते हैं के घर कब आओगे, इस  गीत के माध्यम से बताया गया कि जनता की सुरक्षा में पुलिस, प्रशासन, चिकित्सक अपने घरों से दूर रहकर रात दिन सेवा कार्य में जुटे हैं। इसलियो आमजन को ऐसा कोई कार्य नहीं करना है जिससे इनके मनोबल मे कोई कमी आए। थाना प्रभारी आशीष पटेल  ने कहा कि यह विश्व की पहली ऐसी जंग है जिससे घर में रहकर ही जीता जा सकता है। उन्होंने जरूरतमंदों तक उचित सहायता पहुंचाने और इस पुनीत कार्य में सहयोगी बनने का भी आह्वान किया। साथ ही उन्होने मेरा देश मेरा मुल्क मेरा यह वतन सहित अन्य राष्ट्रभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम को उदयगढ़ की जनता ने काफी सराहा।  भाव विभोर होकर उन्होंने ना सिर्फ तालियां बजाई अपितु संकल्प भी  लिया कि वह राष्ट्रहित में लिए गए निर्णय मे पूरा साथ देंगे ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews