कठोर छवि वाली पुलिस की नाजुक मिसाल, बच्चे के लिए खास तौर पर बनवाया केक

कठोर छवि वाली पुलिस की नाजुक मिसाल, बच्चे के लिए खास तौर पर बनवाया केक

अलीराजपुर/यतेंद्रसिंह सोलंकी

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लंबे समय से लाॅक डाउन है। अलीराजपुर जिले के जब से 3 कोरोना वायरस मरीज मिले है तब से जिला प्रशासन को सर्तक है ओर हर तरफ नजर रखे हुए है। जिले में कोई भी प्रतिष्ठान काफी समय से नहीं खुले हैं ऐसे में कई लोग बाजारों के चक्कर काटकर जाते रहते है।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है लाॅक डाउन को लेकर हो रही जगह जगह चेकिंग के दौरान एक शख्स जिसका नाम महेश वाणी है, उसे पुलिस ने घूमते हुए पकड़ा। उस व्यक्ति ने बताया की उसके बच्चे का जन्मदिन है और वो केक लाने निकला है। पुलिसकर्मीयों ने उसे समझाया की बाजार पूरी तरह से बंद है वे घर वापस लौट जाए। उसके बाद पुलिस प्रशासन के लोगों सभी को चौंकाते हुए खुद पहल की और बच्चे के लिए केक बनवाया और उस केक को लेकर बच्चे के घर पहुंचे। घर पर पुलिस की काफी सारी गाड़ियां आई देख सब दंग रह गए लेकिन जब पुलिसकर्मियों ने बच्चे को केक देकर बधाई दी तो सबके चेहरों पर खुशी दौड़ने लगी। बच्चे ने भी सभी पुलिस अंकल को थेंक्यू कहा जिसके बाद उसका चेहरा खुशी से भर उठा। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि हम इस समय एक बच्चें को खुशी देना चाहते थे, हमारा उद्दश्य यह था कि लोग कम से कम घर पर रहकर छोटी से छोटी खुशी ले पाए ओर अनावश्यक रूप से घरों से न निकले।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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