
अशोकनगर, हितेंद्र बुधौलिया। अशोकनगर (Ashoknagar) जिले में अधिकारियों (officers) के साथ समीक्षा बैठक करने के लिए आए प्रदेश के ऊर्जा एवं अशोकनगर जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Pradyuman Singh Tomar) के सामने ही उनके विभाग के अधिकारी के कामकाज की शिकायत प्रदेश के PHE एवं जिले के मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव (Brijendra Singh Yadav) ने कर दी। मंत्री जी का कहना था कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी S.E. राजेश सक्सेना उनका फोन ही नहीं उठाते।
इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने भरी बैठक में अधिकारी को जमकर डांट फटकार लगाई।साथ ही मंत्रीजी सहित अन्य लोगों के फोन उठाने की नसीहत दे डाली। ऊर्जा मंत्री इस अधिकारी को डांट रहे थे तो अधिकारी बहाने बनाने लगे। इस पर मंत्री बृजेंद्र सिंह ने अपना फोन लाकर सभी के सामने फन ना उठाने कि हकीकत सामने रख दी।
अधिकारियों द्वारा आम जनता के फोन नहीं उठाने एवं जनता के कामों पर ध्यान ना देना सामान्य सी बात है।इस प्रकार पर अब बहुत ज्यादा गंभीरता से बात भी नहीं की जाती। मगर प्रदेश का एक मंत्री अगर यह कहे कि बिजली विभाग के एक अधिकारी उनका कभी फोन नहीं उठाते हैं तो इससे ज्यादा अधिकारियों अकर्मण्यता एवं गैर जिम्मेदाराना व्यवहार क्या हो सकता है।
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यह मामला तो मंत्रियों से जुड़ा था इसलिए इस पर सुनवाई भी हो गई और अधिकारी को जमकर डांट भी पिलाई गई। मगर इसी तरह के प्रति दिन सैकड़ों मामले सैकड़ों लोगों के सामने होते हैं। उन पर शायद ही कभी किसी का ध्यान गया हो । वैसे ही भी प्रदेश के ऊर्जा मंत्री द्वारा अधिकारियों की क्लास लेने का अपना ही अंदाज है। मगर जब अपने ही विभाग का मामला सामने आया तो अधिकारियों के सामने विभागीय अधिकारी राजेश सक्सेना को हिदायत दी कि आगे से मंत्री महोदय के फोन उठाएं।
बैठक खत्म करने के बाद जब ऊर्जा मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि न केवल मंत्री बल्कि सभी लोगों के फोन उठाना अधिकारियों के लिए जरूरी है। साथ ही इस मुद्दे पर PHE मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव का कहना है कि यह पहली गलती थी। इसलिए अभी सिर्फ डांट फटकार की गई है। अगर भविष्य में भी फोन नहीं उठाने की गलती अधिकारी के द्वारा की गई तो उन पर कठोर कार्रवाई करवाई जाएगी।
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