अशोकनगर में भी शाहीन बाग की तर्ज पर प्रदर्शन, बड़ी संख्या में सीएए के विरोध में जुटीं महिलाए

अशोकनगर में भी शाहीन बाग की तर्ज पर प्रदर्शन, बड़ी संख्या में सीएए के विरोध में जुटीं महिलाए

अशोकनगर। अलीम डायर।

संपूर्ण भारतवर्ष में सी ए ए और एनआरसी एक्ट का विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है जहां दिल्ली का शाहीन बाग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन का मॉडल बन गया है, तो इनके प्रदर्शन के तरीके से प्रभावित होकर देश के कई राज्यों में इसी तरह से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, शाहीन बाग की तर्ज पर अब अशोकनगर जिला मुख्यालय के अंबेडकर पार्क पर भी जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू मुस्लिम महिलाओं के साथ भीम आर्मी के सदस्य व मुस्लिम समुदाय के लोग भी एकत्रित होकर इस काले कानून को वापस लेने की सरकार से मांग कर रहे हैं, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में रोज शाम अंबेडकर पार्क पर बड़ी संख्या में हिंदू मुस्लिम महिलाएं व लोग एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन कर सीएए को रद्द किए जाने की मांग कर रहे हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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