
ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा और बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है। सूर्य हर माह चाल बदलते हैं। वे सम्मान, आत्मा व पिता के कारक माने जाते हैं। वहीं गुरु हर 13 महीने में राशि बदलते हैं और वे ज्ञान, भाग्य, संतान, विवाह और धर्म के कारक होते हैं। वर्तमान में सूर्य मीन और गुरु मिथुन राशि में विराजमान है। 6 अप्रैल को सूर्य और गुरु एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर स्थित होंगे, जिसे ‘केंद्र दृष्टि योग’ कहा जाता है। वैसे तो इस योग का सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव देखने को मिलेगा, लेकिन 3 राशियों के लिए यह बेहद शुभ रहने वाला है। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में…
किन राशियों पर बरसेगी ज्यादा कृपा
मिथुन राशि पर प्रभाव: केंद्र दृष्टि योग से रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। करियर में नई ऊंचाइयां मिलने के संकेत हैं। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरीपेशा को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मानसिक शांति मिलेगी। परिवार में खुशहाली आएगी। पार्टनरशिप में किए गए काम से लाभ मिल सकता है। व्यापार में तरक्की के प्रबल योग हैं।
धनु राशि पर प्रभाव: आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि हो सकती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। मनचाहे फल की प्राप्ति हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के प्रबल योग हैं। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। नया काम शुरू करने के लिए समय उत्तम रहेगा। आकस्मिक धन की प्राप्ति हो सकती है। इस अवधि में मकान या वाहन खरीद सकते हैं। विदेश यात्रा पर जा सकते हैं
कन्या राशि पर प्रभाव: व्यापार में बड़ा मुनाफा हो सकता है। पुराने रोगों से मुक्ति मिल सकती है। पिता और भाग्य का सहयोग मिलेगा। नौकरी को गुड न्यूज मिल सकती है। घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है। विदेश में नौकरी पाने का सपना पूरा हो सकता है। आर्थिक स्थिति काफी मजबूत रहेगी
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)
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