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शुक्र शनि का नवपंचम राजयोग चमकाएगा 3 राशियों का भाग्य , 26 अगस्त से गोल्डन टाइम, नौकरी-व्यापार में तरक्की

Written by:Pooja Khodani
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ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों, कुंडली और नक्षत्र का बड़ा महत्व माना जाता है। हर महीने कोई ना कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, ऐसे में दो ग्रहों के एक राशि में आने से योग अथवा राजयोग का निर्माण होता है।
शुक्र शनि का नवपंचम राजयोग चमकाएगा 3 राशियों का भाग्य , 26 अगस्त से गोल्डन टाइम, नौकरी-व्यापार में तरक्की

Rajyog 2025

Navpancham Rajyog 2025 : ज्योतिष में न्याय व दंड के देवता शनि और दैत्यों के गुरू शुक्र की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। शनि एक से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्ष का समय लेते है,ऐसे में एक ही राशि में दोबारा आने में शनि को करीब 30 साल लगते है।वही शुक्र हर माह चाल बदलते है। वर्तमान में शनि मीन राशि में विराजमान है 21 अगस्त को सौन्दर्य, ऐश्वर्य और सुख के कारक शुक्र कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। 26 अगस्त को शुक्र-शनि एक-दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा जो 3 राशियों के लिए लकी साबित होगा। आईए जानते है इन भाग्यशाली राशियों के बारें में……..

नवपंचम राजयोग से चमकेगी 3 राशियों की किस्मत

मेष राशि: शनि-शुक्र का नवपंचम राजयोग जातकों के लिए शुभ साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके अटके काम पूरे हो सकते हैं।इस दौरान इच्छाएं पूरी हो सकती है।भौतिक सुखों की प्राप्ति हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।परिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

सिंह राशि: नवपंचम राजयोग जातकों के लिए शुभ साबित हो सकता है। भौतिक संसाधनों में वृद्धि हो सकती है।व्यापारियों के लिए समय उत्तम रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।परिवार के साथ संबंध मधुर होंगे। नौकरीपेशा को वेतनवृद्धि के साथ पदोन्नति का लाभ मिल सकता है।आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। विदेश यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है।

मीन राशि: नवपंचम राजयोग बेहद फलदायी साबित हो सकता है। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। करियर में नए अवसर मिल सकते है। बिजनेस में धनलाभ के प्रबल योग है। छात्रों के लिए समय उत्तम रहेगा। हर काम में सफलता प्राप्त करेंगे। शनि का आर्शीवाद मिलेगा।

ऐसे बनता है कुंडली में नवपंचम राजयोग

ज्योतिष के मुताबिक, नवपंचम राजयोग तब बनता है जब दो ग्रह एक दूसरे से त्रिकोण भाव में स्थित हो जाते हैं। दोनों ग्रहों के बीच 120 डिग्री का कोण बनता है तथा एक ही तत्व राशि होती है। जैसै मेष, सिंह, धनु को अग्नि राशि, वृषभ, कन्या, मकर को पृथ्वी राशि, मिथुन, तुला, कुंभ को वायु राशि और कर्क वृश्चिक मीन को जल राशि माना जाता है, ऐसे में जब एक ही तत्व वाली दो राशियों में 2 ग्रह पहुंचकर 120 डिग्री का कोण, जिसे नक्षत्र के द्वारा भी जान सकते हैं, तो नवपंचम राजयोग बनता है।

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)