Ratna Shastra: इन 7 रत्नों में होती है हर बीमारी को दूर करने की ताकत, होता है चमत्कारी असर

रत्न हमारे जीवन पर गहरा असर डालने का काम करते हैं। चलिए आज हम आपको बीमारियों को दूर करने वाले रत्नों के बारे में बताते हैं।
Ratna Shastra

Ratna Shastra: हर व्यक्ति की कुंडली में नौ ग्रह विरासत होते हैं जो उसके जीवन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमारी कुंडली में नौ ग्रहों की जो स्थिति होती है वही स्थिति हमारे शरीर में रहती है। हर ग्रह का अपना रंग और तरंग है जो व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने का काम करता है। जब ग्रहों की स्थिति कमजोर होती है तो व्यक्ति को शारीरिक परेशानी होने लगती है या फिर वह बीमार रहने लगता है।

अगर रत्न को सही तरीके से धारण कर ग्रहों की तरंगों को ठीक कर लिया जाए। तो व्यक्ति को बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है। चलिए आज हम आपको ऐसे सा रत्न बताते हैं जो सभी तरह की बीमारियों को खत्म कर देते हैं।

माणिक्य

यह एक ऐसा रत्न है जो हृदय रोग और हड्डियों की समस्या में बहुत लाभदायक होता है। जो इसे धारण करना चाहता है वह हमेशा ऐसे सोने या तांबे में पहने।

मोती

मोती धारण करने से व्यक्ति को एनीमिया, शीत रोग और रक्तचाप में काफी ज्यादा फायदा मिलता है। यह इन बीमारियों को दूर भगाने में मदद कर का साबित होता है।

मूंगा

यह व्यक्ति में कमजोरी और ज्वार की समस्या का समाधान करता है। आत्मविश्वास में अगर कमी का सामना कर रहे हैं तो यह उसे बढ़ाने का भी काम करता है। लाभ पाने के लिए इसे तांबे में धारण करना होगा।

पन्ना

पन्ना का संबंध बुध ग्रह से होता है और यह मध्यम गति से परिणाम देने वाला रत्न है। त्वचा संबंधी समस्या, मानसिक रोग या फिर वाणी में समस्या का इलाज इससे किया जा सकता है।

हीरा

यह बहुत ही असरकारी रत्न है जिसका संबंध शुक्र ग्रह से होता है। यह तीव्र गति से प्रभाव देता है। अगर दुर्बलता, मधुमेह और नपुंसकता का सामना कर रहे हैं तो यह काफी लाभकारी है। आंखों के लिए भी इसे लाभकारी माना गया है। इसे हमेशा चांदी या प्लैटिनम में पहनना चाहिए।

नीलम

इसका संबंध शनि से होता है और यह सबसे तेज गति से प्रभाव देता है। दुर्घटना, स्नायु तंत्र और असाध्य बीमारी या पक्षाघात जैसी स्थिति में यह लाभकारी है। हालांकि कोई भी रत्न पहनने से पहले ज्योतिष की सलाह बहुत जरूरी है।

गोमेद और लहसुनिया

इनका संबंध राहु और केतु से होता है इसलिए इन्हें थोड़ा सोच समझकर पहनना चाहिए। अगर यह विपरीत प्रभाव देने लगे तो बीमारियां बढ़ सकती है।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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