मन के स्वामी चंद्रमा दैत्यों के गुरु शुक्र (Shukra) के घर में प्रवेश करने वाले हैं। दोनों को एक-दूसरे का दुश्मन माना जाता है। इनका मिलन अशुभ होता है। लेकिन कुछ लोगों पर इसका शुभ प्रभाव भी पड़ता है। 16 अगस्त यानि जन्माष्टमी पर चंद्रदेव शुक्र की राशि वृषभ में गोचर (Chandra Gochar) करेंगे। यहाँ 18 अगस्त तक विराजमान रहेंगे। फिर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
शुक्र के घर में चंद्रमा के आने से सभी12 राशियों का जीवन प्रभावित होगा। किसी को फायदा तो किसी को नुकसान होगा। कुछ राशियों के लिए चंद्रमा की यह चाल बेहद ही लाभकारी सिद्ध होगी। शुक्र देव और चंद्र देव दोनों की ही कृपा जातकों पर बरसेगी। सुख-समृद्धि में वृद्धि के योग बनेंगे। कला और कारोबार में सफलता मिलेगी। मानसिक तनाव भी दूर होगा। आइए जानें किन लोगों के लिए यह समय शुभ रहेगा?
कर्क राशि (Kark Rashi)
शुक्र के घर में चंद्रमा के गोचर से कर्क राशि के जातकों को खूब फायदा होगा। मनोकामनाओं की पूर्ति होगी। कार्य क्षेत्र में आपको मेहनत का फल मिलेगा, प्रमोशन के योग बन रहे हैं। इन्वेस्टमेंट के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा। छात्रों का मन पढ़ाई में लगेगा। ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कोई नई शुरुआत के लिए यह समय शुभ रहेगा। सेहत भी इस दौरान अच्छी रहेगी।
धनु राशि (Dhanu Rashi)
धनु राशि के जातकों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को सफलता मिल सकती है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं। शत्रु पक्ष पर विजय प्राप्त होगी। सेहत भी दुरुस्त होगी। इम्यूनिटी बढ़ेगी। घर में खुशहाली आएगी। इनकम में भी बढ़ोत्तरी होगी।
वृषभ राशि (Vrishabh Rashi)
वृषभ राशि के जातकों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी। कारोबार से जुड़े लोगों को फायदा होगा, कमाई बढ़ेगी। हालांकि कोई भी नई डील करते समय थोड़ा सतर्क रहना भी जरूरी है। विवाह के योग भी बन रहे हैं। मानसिक भी दूर होगा। किस्मत का साथ मिलेगा।
जन्माष्टमी का महत्व
हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का बेहद ही खास महत्व होता है। इस दिन को श्रीकृष्ण जयंती, कृष्णाष्टमी और गोकुल अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। मान्यताएं हैं कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण धरती पर अवतरित हुए थे। इस दिन लड्डू गोपाल की पूजा अर्चना करते हैं उन्हें नए वस्त्र पहनाक झूला झुलाया जाता है। व्रत भी रखा जाता है।
(अस्वीकरण: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। जो ज्योतिष गणना, मान्यताओं, ग्रंथों, पंचांग और अन्य माध्यमों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग न्यूज भविष्यवाणियों की गारंटी नहीं लेता। न ही इन बातों के सत्यता और सटीकता का दावा करता है। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)






