सिंधिया के दबाव में शिवराज नहीं कर पा रहे विभागोंं का बंटवारा-पूर्व विस उपाध्यक्ष

सिंधिया के दबाव में शिवराज नहीं कर पा रहे विभागोंं का बंटवारा-पूर्व विस उपाध्यक्ष

बालाघाट।सुनील कोरे।

जैसे-जैसे शिवराज मंत्रीमंडल के मंत्रियों में विभागो के बंटवारे को लेकर देरी हो रही है, वैसे-वैसे सियासी बयानबाजी तेज होने लगी है। विपक्षी कांग्रेस मंत्रीमंडल में विभाग बंटवारे में हो रही देरी को मुद्दा बनाकर राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ‘महाराज’ ओर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की जमकर घेराबंदी कर रहा है। प्रदेश के पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और लांजी क्षेत्र की विधायक सुश्री हिना कावरे ने मंत्रियों को विभाग बंटवारे में हो रही देरी पर हमला बोलते हुए कहा कि ज्योरादित्य सिंधिया के दबाव में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान मंत्रियों को विभागों का वितरण नहीं कर पा रहे है।

गौरतलब हो कि मीडिया से यह खबरे लगातार आ रही है कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिधिंया, प्रदेश मंत्रीमंडल में मंत्री बनाये गये अपने समर्थको मलाईदार विभाग दिलवाना चाहते है, जिसके लिए मंत्रीमंडल विस्तार के हफ्ते बाद भी विभागों का बंटवारा नहीं हो सका है।एमपी ब्रेकिंग न्यूज से चर्चा करते हुए पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं विधायक सुश्री हिना कावरे ने कहा कि प्रदेश में भाजपा, लोकतंत्र का गला घोंटकर सत्ता हथियाने, ज्योरादित्य सिंधिया से जो वादा किया था, उस वादो को पूरा करने के लिए आज सत्ता पाने के बाद भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पसीना छूट रहा है। सत्ता हथियाने ज्योतिरादित्य सिंधिया से भाजपा ने जो वादा किया होगा, उस पर आज ज्योरादित्य सिंधिया अड़े है, और इसी कारण मंत्रीमंडल विस्तार के बाद भी विभागों का बंटवारा अब तक रूका पड़ा है, ज्योरादित्य सिधिंया यदि मंत्रीमंडल में विभागो के बंटवारे को लेकर अड़े है तो निश्चित ही भाजपा ने उनसे वादा किया होगा, क्योंकि कोई भी बिना कमिंटमेंट के अड़ता नही है।

पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं विधायक हिना कावरे ने कहा कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिधिंया के आगे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का झुकना, उनकी पॉलिटिकल मजबूरी है, हर हाल में भाजपा और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिधिंया की विभाग बंटवारे को लेकर बात माननी होगी, चूंकि आगामी समय में उन्हीं के क्षेत्र में उपचुनाव होना है, जिसके लिए भाजपा और मुख्यमंत्री का झुकना, मजबूरी है। पहले जरूर भाजपा ने सोचा होगा कि सरकार आयेगी तो देख लेंगे, लेकिन विभाग बंटवारे में हो रही देरी से नहीं लगता है कि भाजपा और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के सामने प्रदेश मंे सता बने रहने के लिए पॉलिटिकल मजबूरी है कि वह ज्योरादित्य सिधिंया के आगे झुकें और उनके वादे अनुसार उनके समर्थक मंत्रियों को उनका पसंदीदा विभाग दें, विभागो में आ रही रूकावटों की प्रमुख वजह भी यही है कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, राज्यसभा सांसद ज्योरादित्य सिधिंया के दबाव में है और वह मंत्रियों में विभागों के बंटवारे को लेकर अपने अधिकार से कोई निर्णय नहीं ले पा रहे है।

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