बैतूल में कोरोना को लेकर प्रशासन सख्त, उल्लंघन पर हो सकती है 1 साल की सजा

बैतूल में कोरोना को लेकर प्रशासन सख्त, उल्लंघन पर हो सकती है 1 साल की सजा

बैतूल।मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 13 हो गई, जिसके बाद होम क्वारेंटाइन लोगों के घर से बाहर निकलने पर प्रशासन सख्त हो चला है।उलंघन करने वालों पर एक साल की सजा हो सकती है।

दरअसल, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी  राकेश सिंह ने होम क्वारेंटाइन किए लोगों निर्देश दिये हैं कि वे क्वारेंटाइन अवधि में घरों से बाहर न निकलें.यदि ऐसा करते पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 (ब) तथा अन्य अधिनियमों के तहत पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा ।जिसमें उल्लंघन कर्ता को एक साल तक की सजा हो सकती है।

कलेक्टर ने जिले के समस्त इंसिडेंट कमांडर्स एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे सघन निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कोई भी संस्थागत अथवा होम क्वारेंटाइन व्यक्ति क्वारेंटाइन नियमों का उल्लंघन न करे एवं क्वारेंटाइन स्थल से बाहर न निकले .यदि कोई उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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