बिना मास्क बाहर निकलने वालों को पहनाया प्राकृतिक मास्क

बिना मास्क बाहर निकलने वालों को पहनाया प्राकृतिक मास्क

बैतूल, वाजिद खान। दो अक्टूबर को शहर में पुलिस की महिला सेल एवं ब्लू गैंग ने हमलापुर चौक, दिलबहार चौक, कश्मीरा चौक और नेहरू पार्क में बिना मास्क वालों के खिलाफ कार्रवाई की। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बैतूल पुलिस की महिला सेल, ब्लू गैंग एवं नगर रक्षा समिति ने संयुक्त रूप से पलाश के पत्ते और चिरोल के बंधन व बांस की सींक का प्रयोग कर 50 प्राकृतिक मास्क बनाए। इनका नाम N-188 रखा गया, जो शासन के आदेशों का उल्लंघन करने वालों को जागरूक करने के लिए बनाए गए हैं।

पिछले 6 महीने से कोरोना के चपेट में होने के बाद भी कुछ लोग मास्क को बोझ समझते हैं। उनको हमेशा याद रहे कि घर से निकलते वक्त मास्क पहनना है, इसी उद्देश्य से बिना मास्क वालों को यह सजा दी गयी। जिनके पास मास्क नहीं था उन्हें हरे पत्ते वाला मास्क लगवाने के साथ एक सर्जिकल मास्क प्रदाय किया गया और जो लोग मास्क जेब में रखकर आए थे, उन्हें सिर्फ N-188 मास्क की सजा दी गयी।

ब्लू गैंग का कहना है कि हमारी एक नई पोशाक चेहरे पर मास्क है, इसलिए हमें कपड़े पहनते वक्त मास्क को प्राथमिकता के साथ पहनना चाहिए। उक्त मास्क निर्माण में अमर मंडेकर एवं संदेश यादव का विशेष योगदान रहा। मास्क के प्रति जागरूक करने के लिए बैतूल के आर डी पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा मास्क मैन का निर्माण किया गया जिसे कश्मीरा चौक में स्थापित किया गया है और उसे भी प्राकृतिक मास्क पहनाया गया जो यह संदेश देता है कि यदि बुत मास्क पहन सकता है तो हम जिंदा इंसान क्यों नहीं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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