पानी का पाइप टूटने पर दो पक्षों में खुनी संघर्ष, गोलीबारी, दो की मौत

पानी का पाइप टूटने पर दो पक्षों में खुनी संघर्ष, गोलीबारी, दो की मौत
भिंड|गणेश भारद्वाज| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind District) में गोली की गूँज आये दिन सुनाई देती है| अब ताजा मामला मिहोना थाना क्षेत्र के अचलपुरा गांव का है| जहां एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच फायरिंग (Firing) हो गई। घटनास्थल पर दो लोगों की मौत हुई है एक को गोली मारकर और दूसरे की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की गई है।
 जानकारी के मुताबिक ट्रैक्टर निकालने से पाइप टूटने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया| इस दौरान गोलियां चली, इससे एक व्यक्ति की मौत हो गई| वबहीं दूसरे पक्ष ने गोली चलाने वाले व्यक्ति को धारदार हथियार से हमला करके मौत के घाट उतार दिया| बीच-बचाव करने आई एक महिला भी घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है|
पुलिस के मुताबिक, अचलपुरा गांव में रहने वाले गोधन यादव और प्रभु यादव साढ़ू भाई हैं| दोनो पक्षों में लंबे समय से रंजिश चली आ रही है| आज सुबह गोधन यादव का बेटा रामवीर यादव ट्रैक्टर निकाल रहा था, इससे प्रभु यादव की पानी की पाइप दबकर टूट गई, इसको लेकर रामवीर ने हवाई फायरिंग कर दी, लेकिन हवा में चली गोली छत पर खड़े प्रभु यादव के बेटे जागेश  को लग गई. इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई| इसके बाद प्रभु यादव के पक्ष के लोगों ने रामवीर को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया|  दो पक्षों में खुनी संघर्ष की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है|
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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