Bhind News : सीमांकन करने गई राजस्व टीम पर लाठी-डंडों, पत्थर से हमला, पटवारी का सिर फोड़ा, आवेदक भी घायल

विरोध के बीच वहां धक्का मुक्की शुरू हो गई और फिर महिलाओं ने और बुजुर्गों ने लाठी डंडे लेकर हमला शुरू कर दिया, वहां मौजूद उनके परिवार के अन्य लोगों ने ईट पत्थेर फेंकना शुरू कर दिए, हमले में हल्का पटवारी राजकुमार सिंह तोमर  का सिर फट गया उनके सिर से खून बहने लगा।
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Bhind News : भिंड जिले की लहार तहसील के एक गांव में सीमांकन करने गई राजस्व विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया, पुरुषों के साथ महिलाओं ने टीम में मौजूद पटवारी सहित अन्य स्टाफ पर लाठी-डंडों, पत्थरों से हमला कर दिया जिससे पटवारी का सिर फट गया वहीं सीमांकन का आवेदन देने वाले ग्रामीण के भी चोटें आई, घटना की शिकायत पुलिस थाने में की गई है।

सीमांकन करने गई राजस्व विभाग की टीम को रोका 

जानकारी के अनुसार लहार तहसील के अंतर्गत आने वाले केशवगढ़ गांव में  रहने वाले मुकेश सिंह के आवेदन पर उनके खेत का सीमांकन करने के लिए राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी जिसमें आरआई, पटवारी सहित अन्य कर्मचारी थे टीम के पहुँचते ही कुछ लोगों ने सीमांकन का विरोध शुरू कर दिया, टीम ने समझाया कि अभी केवल सर्वे नंबर की नपाई करेंगे जब सीमांकन हो और आपको आपत्ति हो तो आवेदन दे देना।

ग्रामीणों ने पटवारी और अन्य स्टाफ पर हमला किया , सिर फोड़ा 

लेकिन सीमांकन का विरोध कर रहे लोगों को राजस्व टीम की बात समझ में नहीं आई और विवाद शुरू हो गया, इसी विरोध के बीच वहां धक्का मुक्की शुरू हो गई और फिर महिलाओं ने और बुजुर्गों ने लाठी डंडे लेकर हमला शुरू कर दिया, वहां मौजूद उनके परिवार के अन्य लोगों ने ईट पत्थेर फेंकना शुरू कर दिए, हमले में हल्का पटवारी राजकुमार सिंह तोमर  का सिर फट गया उनके सिर से खून बहने लगा।

घायल पटवारी ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई 

वहीं आवेदक मुकेश सिंह और छोटे सिंह को भी चोटें आई, टीम ने मामले की जानकारी भिंड कलेक्टर संजीव सिंह को दी फिर लहार थाने पहुंच कर घटना की शिकायत दर्ज कराई, पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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