शिक्षा विभाग ने एक भृत्य को बनाया BEO! आदेश जारी, पढ़ें पूरी खबर

शिक्षा विभाग ने एक भृत्य को बनाया BEO! आदेश जारी, पढ़ें पूरी खबर

Bhind News : शिक्षा विभाग ने एक भृत्य को विकास खंड शिक्षा अधिकारी यानि BEO बनाने का आदेश जारी किया है, जी हाँ ये सच है कोई मजाक नहीं है, इसके लिए बाकायदा सरकारी आदेश भी जारी हुआ है, जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है ।

आप आश्चर्यचकित नहीं हों, दरअसल भिंड में शिक्षा विभाग ने एक अभिनव पहल करते हुए ये कदम उठाया है, बीईओ यानि विकास खंड शिक्षा अधिकारी भिंड सुदामा सिंह भदौरिया ने पहल करते हुए अपने ही कार्यालय में पदस्थ भृत्य रमेश श्रीवास को बीईओ की जिमेदारी सौंपी है , हालाँकि ये जिम्मेदारी केवल आज 30 नवंबर एक दिन के लिए सौंपी है जिसके लिए बाकायदा सरकारी आदेश भी उन्होंने जारी किया है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदामा सिंह भदौरिया ने कहा कि मेरे दिल में कई दिनों उथल पुथल थी कि हमारे कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच का भेद कम होना चाहिए, कर्मचारियों का अनुभव भी कभी अधिकारी के रूप में सामने आना चाहिए, यदि शासन के नियम में कोई कर्मचारी, अधिकारी नहीं बन पाता तो उनके मान और सम्मान के लिए मैं ऐसा करना चाह रहा था, इसलिय मैंने ये प्रयोग मैंने किया।

उधर एक दिन के विकासखंड शिक्षा अधिकारी बने रमेश श्रीवास अपने अधिकारी के इस व्यवहार से बहुत खुश दिखाई दिए, उन्होंने कहा कि मैंने अपने 33 साल की नौकरी में किसी अधिकारी को अपने छोटे कर्मचारी के लिए ऐसा सोचते या करते नहीं देखा, मैं बहुत खुश हूँ, मैंने दिनभर काम किया, स्कूल का निरीक्षण भी किया और बीईओ की जिम्मेदारी वाले दूसरे काम भी किये ।

बहरहाल, भिंड बीईओ सुदामा सिंह भदौरिया ने अपनी इस पहल से अनिल कपूर की फिल्म नायक की यद् ताजा कर दी जिसमें अनिल कपूर ने एक दिन के मुख्यमंत्री बनकर भष्ट अधिकारियों पर एक्शन लेकर अमरीश पुरी की सरकार हिला दी थी , हालाँकि यहाँ भाव मान सम्मान से जुड़ा हुआ था जिसकी सराहना भिंड जिले से लेकर प्रदेश में हो रही है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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