कहां होगा शिवराज मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह,राजभवन में कोरोना की दस्तक के बाद बड़ा सवाल

कहां होगा शिवराज मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह,राजभवन में कोरोना की दस्तक के बाद बड़ा सवाल

भोपाल

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल (MP cabinet) का विस्तार (cabinet expansion) इसी सप्ताह होना है और इसकी कवायद तेज हो गई है। दरअसल इस समय मध्य प्रदेश में केवल 5 मंत्री (5 ministers) हैं और संवैधानिक रूप से कैबिनेट का गठन होने के लिए कम से कम 12 मंत्री होना जरूरी है। शिवराज (shivraj) अब मंत्रिमंडल (cabinet) का विस्तार जल्द करेंगे यह भी साफ हो चुका है और इसके लिए हो सकता है कि एक बार दिल्ली (Delhi) का दौरा करें और केंद्रीय नेतृत्व से मंत्रिमंडल की सूची पर अंतिम मोहर लगवाये। लेकिन इन सबके बीच एक नया बवाल पैदा हो गया है।

दरअसल सोमवार को राजधानी (Bhopal) में जब कोरोना पॉजिटिवों (corona positive) की लिस्ट आई तो उसमें राजभवन (Rajbhawan) में रहने वाले एक कर्मचारी के बेटे को भी कोरोना संक्रमित (corona infected) होने की खबर सामने आई। ऐसे में तकनीकी रूप से अब राजभवन को कंटेनमेंट एरिया घोषित करना होगा और उसके आसपास रहने वाले सभी लोगों को होम क्वारंटाइन (home qurantine) करना होगा।

शपथ ग्रहण का कार्यक्रम पिछली बार भी राजभवन (Rajbhawan) में ही आयोजित किया गया था लेकिन अब तकनीकी रूप से यह कंटेंटमेंट एरिया घोषित होने के कारण क्या शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो पाएगा , यह बड़ा सवाल है। सवाल यह भी है कि नियमानुसार राज्यपाल (Governor) को भी क्वारंटाइन होना पड़ेगा तो ऐसे में शपथ कौन दिलाएगा । इन तमाम अटकलों के बीच क्या एक बार फिर मंत्रिमंडल का विस्तार टलेगा (cabinet expension),यह अटकल भी तेज हो गई है।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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